केडीएफ प्रतिनिधिमंडल ने डीडीए उपाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
काशीपुर।काशीपुर के समग्र एवं योजनाबद्ध विकास को लेकर काशीपुर डेवलपमेंट फोरम (केडीएफ) का एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलास्तरीय विकास प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन जय किशन (IAS) को ज्ञापन सौंपा।साथ ही नगर से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण विकासात्मक समस्याओं एवं प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की।केडीएफ के अध्यक्ष श्री राजीव घई ने बताया कि द्रोणासागर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, को “13 डेस्टिनेशन – 13 डिस्ट्रिक्ट” योजना के अंतर्गत पर्यटन विभाग द्वारा विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के प्रथम चरण का कार्य कुमाऊं विकास निगम (KMVN) द्वारा सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। घई ने बताया कि द्रोणासागर के प्रथम चरण के स्थायी रखरखाव एवं संचालन हेतु माननीय मेयर दीपक बाली की मांग का समर्थन करते हुए केडीएफ द्वारा यह आग्रह किया गया है कि द्रोणासागर क्षेत्र का रखरखाव नगर निगम काशीपुर को अधिकृत किया जाए।जिससे न केवल संपत्ति का बेहतर संरक्षण हो सके, बल्कि लंबित द्वितीय चरण का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ किया जा सके। इससे काशीपुर को पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।केडीएफ प्रतिनिधि मंडल ने बाजपुर रेलवे फाटक पर रेलवे विभाग द्वारा स्वीकृत अंडरपास के निर्माण कार्य का विषय भी प्रमुखता से उठाया। बताया कि भूमि विवाद के कारण यह अत्यंत आवश्यक परियोजना लंबे समय से लंबित है, जिससे आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस पर वाइस चेयरमैन से अनुरोध किया गया कि वे हस्तक्षेप कर संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए इस समस्या का शीघ्र समाधान कराएं और अंडरपास निर्माण कार्य प्रारंभ करवाने में सहयोग दें।केडीएफ के उपसचिव चक्रेश जैन ने वाइस चेयरमैन से काशीपुर मास्टर प्लान को शीघ्र लागू किए जाने की मांग रखी। जिससे शहर का विकास सुव्यवस्थित ढंग से हो सके। साथ ही उन्होंने प्रस्तावित महावीर चौक के निर्माण कार्य में जैन समाज की ओर से पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।प्रतिनिधि मंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए डीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि काशीपुर में बहुत शीघ्र कई महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय विकास योजनाएं प्रारंभ होने जा रही हैं, जो नगर के विकास को नई गति प्रदान करेंगी। उन्होंने काशीपुर में सकारात्मक, सहयोगात्मक एवं विकासोन्मुख वातावरण बनाए रखने हेतु पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।




