ऊधम सिंह नगर

बिना चुनाव समिति में दो लोग निर्वाचित घोषित,उठे सवाल

पंतनगर।इसे चुनाव अधिकारी की मनमानी कहें या दबंगई। तराई विकास सहकारी संघ लिमिटेड रुद्रपुर के सामान्य निकाय के गठन के लिए समिति के प्रतिनिधि के रूप में जिन दो लोगों को निर्वाचित घोषित किया गया है,उन्हें पता भी नहीं कि वे सदस्य हैं। इससे समिति और विभाग में खलबली मची है। हल्दी मल्टी पर्पज सहकारी समिति फूलबाग पंतनगर पर पंत विवि का 65 लाख से अधिक रूपये किराया बकाया है।न तो बकाया का भुगतान किया गया न ही समिति की भूमि विवि को दी गई।इसे लेकर समिति और विवि प्रशासन आमने सामने है।गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि परिसर स्थित फूलबाग में सहकारी समिति है। राजेश कुमार सिंह ने निबंधक सहकारिता को कुछ माह पहले शिकायत पत्र भेजकर कहा था कि समिति के अधिकांश सदस्य रिटायर्ड हो चुके हैं अथवा उनका निधन हो गया है।वर्तमान में इस समिति का संचालन बाह्य व्यक्तियों द्वारा मनमर्जी से धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। इस मामले की जांच हुई।जब कार्रवाई नहीं हुई तो राजेश ने सूचना का अधिकार ने जांच रिपोर्ट की प्रतिलिपि मांगी।जिला सहायक निबंधक सरकारी समितियां की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना में बताया गया है कि निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्रबंध समिति के लिए 29 नवंबर, 2022 को जारी किए हुए निर्वाचन घोषणा पत्र के अनुसार समिति की प्रबंध समिति के लिए सात सदस्यों को निर्वाचित घोषित किया गया है।30 नवंबर को समिति के अध्यक्ष/सभापति व उपाध्यक्ष/उपसभापति पद के लिए निर्वाचन घोषणा पत्र के अनुसार डॉक्टर महेंद्र कुमार शर्मा, संतोष कुमार को निर्वाचित घोषित किया गया है।तराई विकास संघ रुद्रपुर के सामान्य निकाय के गठन के लिए समिति के प्रतिनिधि के रूप में जितेंद्र कुमार और सतीश पाल को निर्वाचित घोषित किया गया है।इस आधार पर समिति वैध है। जब जितेंद्र और सतीश को पता चला कि उन्हें निर्वाचित घोषित किए गए हैं तो उन्होंने आनन फानन निबंधक सहकारी समितियां उत्तराखंड को पिछले माह 11 नवंबर को पत्र भेजकर कहा है कि निर्वाचन घोषणा पत्र में उनके नाम हैं।जबकि इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है,न ही उनकी सहमति ली गई है।यहीं नहीं, उन्होंने पत्र में यह भी लिखा है कि न ही किसी प्रकार का चुनाव हुआ है।घोषणा पत्र में उनके नाम किस आधार पर अंकित किए गए हैं,यह पूर्ण रूप से असत्य है। जितेंद्र और सतीश ने आठ दिसंबर को सहायक निबंधक समितियां ऊधम सिंह नगर कार्यालय में शिकायत पत्र देकर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।इससे समिति के पदाधिकारियों और सहकारिता विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जब इस मामले में पक्ष जानने के लिए समिति के अध्यक्ष के मोबाइल पर संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि वह कोई वर्जन नहीं दे सकते हैं।वर्जन देने से पहले विवि प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ती है और वह विवि के कर्मचारी है। इस मामले चुनाव अधिकारी ही बता सकते हैं। लोगों में चर्चा है कि किस आधार पर जितेंद्र और सतीश को निर्वाचित घोषित कर दिया गया।जबकि चुनाव नहीं हुआ।आखिर किसके दबाव में ऐसा किया गया।शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई।इससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

locnirnay@gmail.com

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