प्राकृतिक घास से संगीत की दुनिया में आकार लेतीं अद्भुत मूर्तियां
पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय के नाहेप परिसर में प्राकृतिक घास से बनी संगीतकारों की मूर्तियां न केवल आंखों को आकर्षित कर रही हैं ,बल्कि संगीत के प्रति प्रेम को भी दर्शाती हैं। गिटार बजाते हुए मनुष्य की आकृति और ड्रम किट बजाते हुए मनुष्य की आकृति देख ऐसा लगता है कि संगीत की दुनिया में अपनी रचनात्मक हुनर को प्रदर्शित किया है।यह सोच कृषि महाविद्यालय के पूर्व डीन डॉक्टर शिवेंद्र कुमार कश्यप की हैं।इस रचनात्मक सोच को घास से बनीं मूर्तियों का आकार दिया गया। अपनी पसंद की सामग्री और शैली चुनकर मूर्ति बना सकते हैं।इसके लिए मूर्ति बनाने के लिए अपनी कल्पना और सृजनात्मकता का उपयोग करना होगा।अपनी मूर्ति को और भी आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न रंगों और डिज़ाइनों का उपयोग किया जा सकता है।





