जानिए, दीपक को क्यों सुनाई गई पांच वर्ष की सजा
रुद्रपुर। दंपती पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपित को तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार आर्य ने पांच वर्ष के कठोर कारावास और 15 हज़ार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी।सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण पटवा ने बताया कि नई बस्ती गुलरभोज थाना गदरपुर निवासी मनोज कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी की 14 सितम्बर, 2014 की रात क़रीब साढ़े 10 बजे उसके पिता कृतपाल सिंह व माता कमलेश ने पड़ोस में रहने वाले दीपक मेहता से पूछा कि क्या उनका पुत्र तुम्हारे घर पर है।इसी बात पर शराब के नशे में धुत दीपक ने गाली गलौज करते हुए माता पिता पर तलवार व लोहे की रॉड से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। 108 सेवा एम्बुलेंस से दोनों को राजकीय चिकित्सालय गदरपुर में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत बता घायलों को जिला चिकित्सालय रुद्रपुर के लिए रेफ़र कर दिया। जिला अस्पताल में भी दोनों के स्वास्थ्य में सुधार न होने से बांबे अस्पताल हल्द्वानी में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि पिता कृतपाल सिंह के सिर व दायीं आंख की हड्डी टूट गई है और बायीं आंख की रोशनी चली गई है ।पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के बाद मामले में चर्जशीट कोर्ट में पेश की।दीपक मेहता के विरुद्ध तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार आर्य की कोर्ट में मुकदमा चला। जिसमें सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण पटवा ने सात गवाह पेश किए। न्यायधीश मनोज कुमार आर्य ने गवाहों व तथ्यों का परीक्षण करने के बाद शुक्रवार को दीपक मेहता को धारा 323,324,325,326 आइपीसी के अंतर्गत दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास और 15 हज़ार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई ।साथ ही कहा कि इस जुर्माने की राशि में से 10 हज़ार रुपये गम्भीर घायल कृतपाल सिंह को दिए जाएंगे और बाकी पांच हज़ार रुपये राजकोष में जमा होंगे ।
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