डीएम चंपावत ने शीतलहर से बचाव की तैयारियों की समीक्षा की
चम्पावत। (लोक निर्णय)जिलाधिकारी मनीष कुमार ने शीतलहर और बर्फबारी के दौरान आमजन की सुरक्षा के लिए की जा रही तैयारियों की संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को समय रहते सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अलाव, कंबल वितरण, अस्थायी रैन बसेरों, खाद्यान्न एवं ईंधन की आपूर्ति, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, सड़क यातायात, पेयजल और विद्युत आपूर्ति की तैयारियों पर चर्चा हुई।जिलाधिकारी ने शीतलहर से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने और निराश्रित लोगों को कंबल वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार अस्थायी रैन बसेरों की व्यवस्था की जाए। इनमें बिजली, पेयजल, बिस्तर और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था रहे। रैन बसेरों के संचालन और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नामित किए जाएं।जिलाधिकारी ने शीतकाल के समय बचाव हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी को स्वास्थ्य संबंधित एडवाइजरी निरन्तर जारी करते रहने के निर्देश दिये, उन्होंने एसडीओ वन विभाग को जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिये प्रचार प्रसार किये जाने और उरेड़ा विभाग को सोलर लाइट लगाने सम्बंधित आवश्यक निर्देश दिये।खाद्य आपूर्ति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जनवरी 2027 के अंत तक की जरूरत को ध्यान में रखते हुए खाद्यान्न और ईंधन का पर्याप्त भंडारण करने के निर्देश दिए। दूरस्थ क्षेत्रों के लिए फरवरी 2027 के अंत तक की आवश्यकता के अनुसार भंडारण की व्यवस्था करने को कहा, ताकि बर्फबारी के दौरान भी जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता बनी रहे।जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को आपातकालीन सेवाओं में तैनात चिकित्सकों का विवरण तैयार रखने और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को शीतलहर और बर्फबारी के दौरान पेयजल और विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के लिए आवश्यक तैयारियां करने को कहा।सड़क सुरक्षा के संबंध में जिलाधिकारी ने बर्फबारी और पाले से प्रभावित मार्गों पर यातायात सुचारु रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाले से फिसलन वाले हिस्सों में जरूरत के अनुसार चूने आदि का छिड़काव कराया जाए और संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। उन्होंने पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी के कारण फंसने वाले पर्यटकों के लिए आवश्यक इंतजाम करने और विभिन्न विभागों में कार्यरत श्रमिकों के लिए पर्याप्त आश्रय की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।बैठक में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह, अपर परियोजना निदेशक विम्मी जोशी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, अर्थ एवं संख्या अधिकारी दीप्तिकीर्ति तिवारी, जल निगम के अधिशासी अभियंता अशोक स्वरूप, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आर. पी. डोभाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता विभोर गुप्ता आदि मौजूद थे।





