मान्यता के बिना नर्सिंग शिक्षण पर शासन ने सूरजमल विवि को भेजा नोटिस
किच्छा।(लोक निर्णय) शासन ने नर्सिंग की पढ़ाई को लेकर सूरजमल विश्वविद्यालय,कालेज ऑफ नर्सिंग किच्छाको नोटिस भेजा है।इससे विश्वविद्यालय खलबली मची है। जिलाधिकारी, ऊधम सिंह नगर की ओर से प्रस्तुत संयुक्त जांच आख्या के बाद शासन ने संबंधित नर्सिंग संस्थान में गंभीर अनियमितताओं पर सख्त हो गया है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अनुभाग चार के उप सचिव ने सूरजमल विश्वविद्यालय को नोटिस भेजा है।जिसमें कहा गया है कि संस्थान पर भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) की मान्यता प्राप्त किए बिना शिक्षण कार्य संचालित करने और विद्यार्थियों को प्रवेश देने का आरोप लगाया गया है।जांच में यह भी मामला सामने आया है कि विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के साथ 17 फरवरी 2026 तथा 18 जून 2026 को किए गए लिखित समझौतों और आश्वासनों का पालन नहीं किया गया। शासन ने इसे भ्रामक आचरण की श्रेणी में माना है। इसके अलावा जांच समिति द्वारा मांगे गए आवश्यक शासकीय एवं विधिक अभिलेख, जिनमें भूमि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, स्वीकृत मानचित्र, फायर एनओसी और ट्रस्ट डीड शामिल हैं, समय पर प्रस्तुत नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है।यह भी उल्लेख किया है कि उक्त कृत्य शासनादेश संख्या 79419 दिनांक 28 नवंबर 2022 के तहत जारी अनिवार्यता प्रमाण पत्र (Essentiality Certificate) में निर्धारित शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके दृष्टिगत संस्थान का अनिवार्यता प्रमाण पत्र तथा संबंधित संबद्धता/अनुमति समाप्त या निरस्त किए जाने और आगामी शैक्षणिक सत्र में नए प्रवेश पर तत्काल रोक लगाए जाने की कार्रवाई प्रस्तावित है।नोटिस में संस्थान से पूछा गया है कि भारतीय नर्सिंग परिषद द्वारा निर्धारित मानकों के उल्लंघन के कारण उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए संस्थान के पक्ष में जारी अनिवार्यता प्रमाण पत्र को निरस्त क्यों न कर दिया जाए।
शासन ने संस्थान को सात दिन में साक्ष्यों सहित अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर यह माना जाएगा कि संस्थान को इस संबंध में कुछ नहीं कहना है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अग्रेत्तर कार्रवाई की जाएगी। इससे विश्वविद्यालय के अधिकारियों,शिक्षकों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।





