ऊधम सिंह नगर शिक्षा शोध/आविष्कार

पंत विवि में दीक्षारंभ से शुरू हुआ नवप्रवेशी विद्यार्थियों के नए शैक्षणिक सफर का आगाज

पंतनगर।(लोक निर्णय) गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आज दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ गांधी हाल में हुआ। कुलपति डा. शिवेन्द्र कुमार कश्यप, कुलसचिव डा. दीपा विनय, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डा. वीसी ध्यानी, दीक्षारंभ समन्वयक डा. छाया शुक्ला सहित विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशकगण, शिक्षक, अधिकारी एवं नवप्रवेशी विद्यार्थी उपस्थित थे। कुलपति डा. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि पंतनगर केवल एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि एक ऐसा अवसर है, जो विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और असाधारण उपलब्धियां हासिल करने का मंच प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़ा सोचने, नए प्रयोग करने, विभिन्न विषयों को जोड़कर कार्य करने तथा अपनी जिज्ञासा एवं रचनात्मकता को निरंतर विकसित करने का आह्वान किया। विश्वविद्यालय ने हरित क्रांति में महत्वपूर्ण योगदान दिया और कृषि की अनेक उन्नत प्रजातियों के विकास के माध्यम से देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थियों के सामने भी ऐसी ही बड़ी चुनौतियों और अवसरों को स्वीकार कर नई क्रांति लाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, पशु विज्ञान, इंजीनियरिंग एवं अन्य विषयों को जोड़कर नए समाधान विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रयोगशालाओं, अनुसंधान केंद्रों, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों तथा अन्य सुविधाओं का भरपूर लाभ उठाने का आह्वान किया। कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों को यह सोचने की आवश्यकता नहीं है कि चार वर्ष बाद वे क्या बनेंगे, बल्कि उन्हें अपनी रुचि, प्रतिभा और उत्कृष्टता को पहचानकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘आपका विषय आपकी नियति तय नहीं करता, बल्कि आपकी लगन, जुनून और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता आपकी दिशा तय करती है।’ उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ पंतनगर की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कुलसचिव डा. दीपा विनय ने कहा कि दीक्षारंभ उनके जीवन के एक नए और महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विभिन्न महाविद्यालयों, छात्रावासों, अनुसंधान एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दीक्षारंभ का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के वातावरण, नियमों, शैक्षणिक व्यवस्था, परंपराओं एवं उपलब्ध अवसरों से परिचित कराने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को एडवाइजर-एडवाइजी प्रणाली से जुड़ने, शिक्षकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने तथा विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने की सलाह दी। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डा. वीसी. ध्यानी ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय ने देश को अनेक प्रतिभाशाली वैज्ञानिक, प्रशासक, उद्यमी, शिक्षक तथा विभिन्न क्षेत्रों के कुशल नेतृत्वकर्ता प्रदान किए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक, अनुसंधान एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रूप से प्रतिभाग करने को कहा। नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने भी कुलपति से संवाद किया और विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे। कुलपति ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का उत्तर देते हुए बहुविषयक अनुसंधान, नवाचार और नई सोच को प्रोत्साहित किया।दीक्षारंभ समन्वयक डा. छाया शुक्ला ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कुलपति, कुलसचिव, अधिष्ठाताओं, निदेशकों, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी ही उसकी वास्तविक पूंजी हैं और पंतनगर की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब नई पीढ़ी की है। दीक्षारंभ कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी 15 दिनों में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, परिसर, नियम-कायदे, छात्र कल्याण सुविधाओं तथा विभिन्न सह-पाठ्यक्रम एवं व्यक्तित्व विकास गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा।

locnirnay@gmail.com

locnirnay@gmail.com

About Author

You may also like

शोध/आविष्कार

फलों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रतिबंधित पॉलीथिन को बाय बाय करेगा नेचुरल फाइबर बैग

लोक निर्णय, पंतनगर: फलों की गुणवत्ता के साथ उत्पादन बढ़ाया जाए, जिससे किसानों को उनके उत्पाद की बेहतर कीमत मिल
शिक्षा

तीन भाषाओं में पढ़ाने पर शिक्षिका मंजू बाला को मिलेगा पुरस्कार

लोक निर्णय,रुद्रपुर: कहते है कि यदि कुछ करने का जज्बा हो तो हर मंजिल खुद कदम चूमती है।इसी जज्बे और