भाजपा सरकार में मजदूरों की स्थिति बदतर
रुद्रपुर।(लोक निर्णय)ऑल इंडिया सेंटर काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस(ऐक्टू) का आज आहूजा धर्मशाला में हुए नगर सम्मेलन में राज्य महामंत्री केके बोरा ने कहा कि मोदीराज में मजदूर वर्ग के हालात बद से बदतर चुके हैं। बढ़ती महंगाई के दौर महंगाई की तुलना में मजदूरी लगातार घट रही है। पूंजीपतियों का और ज्यादा पक्ष पोषण करने के लिए मोदी सरकार ने पुराने 44 श्रम कानून खत्म करके 4 नए लेबर कोड ले आई है। जिस कारण फैक्ट्री मालिक मजदूरों से बिना ओवरटाइम वेतन दिए 12-12 घंटे काम करा रहा है। पिछले दिनों देश भर में फूटा मजदूर वर्ग का आक्रोश मोदी सरकार की इन्हीं पूंजीपरस्त नीतियों का परिणाम है। लेकिन भाजपा सरकार इसका दोष मजदूर और मजदूर नेताओं पर ही मढ़ रही है। उन्हें विदेशी ताकतों द्वारा भड़काया बताया जाता रहा।ऐक्टू के जिलाध्यक्ष दिनेश तिवारी ने कहा कि मजदूर आंदोलन के बाद विभिन्न राज्यों की भाजपा सरकार द्वारा बढ़ाया गया वेतन ऊँट के मुंह में जीरे के समान है। सुप्रीम कोर्ट के रेप्टा क्रॉस निर्णय के अनुसार आज महंगाई के दौर में मजदूरों का न्यूनतम वेतन 42000 मासिक होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सिडकुल में मजदूरों का शोषण लगातार जारी है। इसके खिलाफ मजदूर वर्ग को एकजुट होने की जरूरत है।जिला सचिव अनीता अन्ना ने कहा कि देश भर में सरकारी महकमों के अंतर्गत काम करने वाली आशा, आंगनबाड़ी, भोजनमाता सहित अन्य स्कीम वर्कर्स के श्रम का सरकार खुलेआम शोषण कर रही है। जबकि वे लंबे समय से मांग कर रही है कि उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए व उन्हें न्यूनतम वेतन दिया जाए। लेकिन सरकार उनके श्रम की कीमत बढ़ाए बिना उल्टा उन पर काम के बोझ को बढ़ाती जा रही है। जिससे महिला स्कीम वर्कर्स में सरकार के खिलाफ तीखा आक्रोश है।सम्मेलन में 4 लेबर कोड को वापिस लेने, श्रमिक आंदोलन में गिरफ्तार मजदूरों को रिहा करने , न्यूनतम वेतन 42000 मासिक करने, महिला स्कीम वर्कर्स (आशा, आंगनबाड़ी, भोजनमाता ) को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग पर संघर्ष जारी रखने का प्रस्ताव लिया गया।हीरा सिंह राठौर को नगर अध्यक्ष, प्रकाश नेगी को नगर सचिव , कमल सिंह को उपाध्यक्ष और प्रकाश बोरा को उप सचिव चुना गया व निरंजन लाल, कमलेश कार्की, वीरेंद्र सिंह, नमिता सरकार, हेमंत भट्ट, पुष्कर खाती को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया। नगर सम्मेलन में अनिता अन्ना, उत्तम दास, गोपाल दत्त तिवारी, मोहन सिंह, रीता कश्यप, आनंद रावत, संदीप हुड्डा, इन्द्रजीत कुमार, विजय शर्मा, कार्तिक सरकार, नरेश कुमार, धीरज, रंजन विश्वास, पंकज जोशी, केहरी सिंह, जसवंत सिंह, दानवीर सिंह, दूधनाथ भारती, ललित मटियाली, संतोष गुप्ता आदि ऐक्टू कार्यकर्ता मौजूद थे।




