ड्रेनेज प्लान पर ‘क्रेडिट वॉर’: मंजूरी एक, दावेदार दो
रुद्रपुर।(लोक निर्णय) रुद्रपुर के बहुप्रतीक्षित 786.73 करोड़ रुपये के मास्टर ड्रेनेज प्लान को व्यय वित्त समिति से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद जहां शहर को स्थायी जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं इस बड़ी परियोजना का श्रेय लेने की राजनीतिक होड़ भी शुरू हो गई है। महापौर विकास शर्मा और विधायक शिव अरोरा ने इस मंजूरी को अपने प्रयासों का परिणाम बताया।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि वह लंबे समय से शासन स्तर पर इस मुद्दे को लगातार उठा रहे थे। उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से व्यक्तिगत मुलाकात कर रुद्रपुर के लिए स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था की मांग की थी। जिस पर 786.73 करोड़ रुपये की डीपीआर को मंजूरी मिली और अब प्रथम चरण में 441.79 करोड़ रुपये की लागत से कार्य शुरू होगा।दूसरी ओर विधायक शिव अरोरा ने आज अपने कार्यालय में पत्रकारों के समक्ष दावा किया कि मुख्यमंत्री और शासन स्तर पर लगातार पैरवी के कारण ही इस महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति मिली। विधानसभा चुनाव के दौरान जो वादे किए थे,उनमें ड्रेनेज प्लान भी था।इसके लिए सिंचाई विभाग से डीपीआर तैयार कराया गया। प्लान स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कई बार मिलकर अनुरोध किया।उनके श्रेय लेने के दावों के बीच कार्रवाई के दस्तावेज भी दिखाए की उनके प्रयास से प्लान पास हुआ है। प्रथम चरण में 441.79 करोड़ रुपये की लागत से कार्य शुरू होगा। जिसमें जोन-1 और जोन-2 को प्राथमिकता दी गई है, जबकि जोन-3 और जोन-4 के कार्य दूसरे चरण में होंगे।
फिलहाल मंजूरी मिलने से शहरवासियों को राहत की उम्मीद जरूर बंधी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस उपलब्धि का श्रेय किसे मिले, इसे लेकर महापौर और विधायक के बीच दावों का दौर भी तेज हो गया है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर हैं कि बजट जारी होने और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमीन पर काम कितनी तेजी से शुरू होता है। चर्चा है कि विधायक और मेयर भाजपा के कार्यकर्ता है ।जिस तरह से क्रेडिट वार शुरू हुआ है,इससे लगता है कि विधायक और मेयर के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंदिता बढ़ती जा रही है,जो आने वाले विधानसभा सभा के दृष्टिगत भाजपा के लिए ठीक नहीं हो सकता है।हालांकि यह तो वक्त ही बताएगा।





