एक लाइसेंस नंबर… दो हथियार! STF ने खोली फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट की नई परत
काशीपुर/देहरादून। उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस सिंडिकेट के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए काशीपुर से एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से दो हथियार, आठ कारतूस और फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किया गया है। एसटीएफ के अनुसार आरोपित ने एक ही फर्जी लाइसेंस नंबर का इस्तेमाल कर दो अलग-अलग हथियार खरीदे थे।गिरफ्तार आरोपी की पहचान पलविन्दर सिंह (46) पुत्र स्व. धर्म सिंह निवासी ग्राम कचनालगाजी, थाना काशीपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर के रूप में हुई है।एसटीएफ के मुताबिक जांच में सामने आया है कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क का दायरा बेहद व्यापक है और इसकी गंभीरता को देखते हुए यह मामला राष्ट्रीय स्तर की जांच का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।आरोपित के कब्जे से एक .30 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक .315 बोर राइफल तथा दोनों हथियारों के कुल आठ कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी जब्त किया गया है।एसटीएफ के अनुसार ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अब तक कुल 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अभियान के दौरान 19 अवैध शस्त्र, 358 कारतूस तथा बड़ी संख्या में फर्जी और संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं।एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस रखने वालों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे अपने हथियार और लाइसेंस के साथ स्वयं आत्मसमर्पण करें, अन्यथा कानून का शिकंजा उनके दरवाजे तक पहुंचेगा। एसटीएफ टीम में निरीक्षक अरुण कुमार,निरीक्षक एमपी सिंह,उपनिरीक्षक प्रकाश भगत, हेड कांस्टेबल मोहित वर्मा,कांस्टेबल रवि बोरा, हेड कांस्टेबल चालक संजय कुमार, मनोज बवाड़ी,सुरेन्द्र कनवाल शामिल थे।





