एफडी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला एजेंट गिरफ्तार
रुद्रपुर। (लोक निर्णय) मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार एवं अपराध के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधम सिंह नगर अजय गणपति द्वारा जनपद में आर्थिक अपराधों एवं धोखाधड़ी के मामलों में प्रभावी कार्यवाही हेतु दिए गए निर्देशों का धरातल पर असर दिखाई दे रहा है।कोतवाली सितारगंज पुलिस ने धोखाधड़ी के प्रकरण में विभिन्न धाराओं में पंजीकृत वांछित आरोपित राजेन्द्र प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है।एसएसपी ने बताया कि सात जनवरी 2026 को रविता राणा निवासी मझरा सिसौना ने कोतवाली सितारगंज में तहरीर देकर खा था कि राजेन्द्र प्रसाद द्वारा बाँसुरी म्युचुअल बेनिफिट इंडिया निधि लिमिटेड के नाम पर लोगों को RD/FD आदि खाते खुलवाकर नियमित रूप से धनराशि जमा कराई गई, लेकिन निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बाद खाताधारकों को धनराशि वापस नहीं की गई।जांच में पीड़ितों एवं गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई 11 मूल खाता पुस्तिकाएं, 10 मूल बॉन्ड पेपर एवं 07 मूल किस्त रसीदें कब्जे पुलिस में ली गईं। विवेचना में सामने आया कि अभियुक्त राजेन्द्र प्रसाद स्वयं को कम्पनी का फील्ड मार्केटिंग/कलेक्शन एजेन्ट बताकर लोगों को RD/FD खाते खुलवाने के लिए प्रेरित करता था। इसके बाद खाताधारकों से प्रतिदिन ₹50/₹100 अथवा निर्धारित किस्त के रूप में नकद धनराशि प्राप्त कर उनकी खाता पुस्तिका में प्रविष्टि कर अपने हस्ताक्षर करता था।पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह 05.06.2023 को उक्त कम्पनी में कलेक्शन एजेन्ट के रूप में नियुक्त हुआ था तथा सितारगंज क्षेत्र में लोगों के खाते खोलने एवं धनराशि कलेक्शन का कार्य करता था।आरोपित ने बताया कि उसके द्वारा सितारगंज क्षेत्र में करीब 50–60 लोगों के खाते खोले गए तथा खाताधारकों से एकत्र करीब 15–20 लाख रुपये की धनराशि अजय गंगवार एवं राजकुमार गंगवार को दी गई। अभियुक्त द्वारा अजय गंगवार के कहने पर अपने बैंक खाते से ऑनलाइन धनराशि ट्रांसफर किए जाने की बात भी बताई गई।खाताधारकों को प्रतिदिन 50, 100, 150 रुपये जैसी छोटी-छोटी धनराशि जमा कर लगभग एक वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर मैच्योरिटी राशि वापस मिलने का विश्वास दिलाया गया था। अवधि पूर्ण होने के बाद धनराशि वापस नहीं किए जाने पर अभियुक्त द्वारा सितारगंज क्षेत्र में कलेक्शन का कार्य बंद कर दिया गया तथा वह करीब 06 माह से फरार चल रहा था।आरोपित को दो अक्टूबर को पुलिस ने आरोपित राजेंद्र को मंडी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित से पूछताछ की गई तो उसके अनुसार अब तक की विवेचना में अजय गंगवार, राजकुमार गंगवार एवं गीता देवी के नाम एवं उनकी भूमिका प्रकाश में आई है।आरोपित अनुसार अजय गंगवार कम्पनी के चेयरमैन, राजकुमार गंगवार मैनेजिंग डायरेक्टर तथा गीता देवी डायरेक्टर हैं।उपलब्ध साक्ष्यों एवं विवेचना के आधार पर धारा 61(2)/3(5) BNS की बढ़ोतरी की गई है। प्रकाश में आए व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में विवेचना जारी है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्यवाही कुंजा रही है।गिरफ्तार आरोपित राजेन्द्र प्रसाद पुत्र सीताराम
निवासी ग्राम रम्पुरा नत्थू, थाना बरखेड़ा, जनपद पीलीभीत, उत्तर प्रदेश है।प्रकाश में आए आरोपित अजय गंगवार, चेयरमैन, बाँसुरी म्युचुअल बेनिफिट इंडिया निधि लिमिटेड, राजकुमार गंगवार, मैनेजिंग डायरेक्टर,गीता देवी, डायरेक्टर हैं।





