कांग्रेस ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
रुद्रपुर। (लोक निर्णय)कांग्रेस ने सोमवार को कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर कहा कि भारत का निर्वाचन आयोग देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवैधानिक संस्थान है। स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराना निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। देश के करोड़ों मतदाताओं का विश्वास निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता एवं संवैधानिक प्रतिबद्धता पर टिका हुआ है।उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण तथा चुनावी पारदर्शिता से जुड़े अनेक गंभीर प्रश्न सामने आए हैं। विशेष रूप से मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने तथा आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों एवं आम मतदाताओं के बीच चिंता उत्पन्न हुई है। एसआइआर प्रक्रिया में किए जा रहे भेदभाव पर विपक्षी दलों की शिकायतों का निर्वाचन आयोग द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। ऐसी परिस्थितियों में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और सभी राजनीतिक दलों के प्रति समान व्यवहार अत्यंत आवश्यक है।कहा कि निर्वाचन आयोग के दो निर्वाचन आयुक्तों की असहमति के बावजूद मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार द्वारा एक तरफा असंवैधानिक फैसले लिए जा रहे हैं जो कि लोकतांत्रिक व्यवस्था का पूरी तरह हनन है। निर्वाचन आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान की विश्वसनीयता तभी कायम रह सकती है, जब उसके निर्णयों एवं कार्यप्रणाली पर आम जनता तथा सभी राजनीतिक दलों का विश्वास बना रहे। यदि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता एवं निर्णय प्रक्रिया को लेकर व्यापक स्तर पर सवाल उठते हैं तो उन सवालों का स्पष्ट एवं संतोषजनक उत्तर दिया जाना आवश्यक है। एसआइआर की प्रक्रिया के दौरान जिस प्रकार बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दाखिल की जा रही हैं, उससे मतदाता सूची की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता को लेकर गंभीर प्रश्न उत्पन्न हो रहे हैं। उत्तराखंड राज्य के अनेक विधानसभा क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं कि कुछ व्यक्तियों द्वारा बड़ी संख्या में फार्म-7 दाखिल कर अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया गया। यदि कोई व्यक्ति संबंधित मतदाताओं का वास्तविक पड़ोसी अथवा स्थानीय निवासी नहीं है, तो उसके द्वारा इतनी बड़ी संख्या में आपत्तियां दाखिल किये जाने की परिस्थितियों की जांच आवश्यक है।कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से तत्काल इस्तीफा देने,निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण एवं संशोधन की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने,,मतदाता सूची से नाम हटाने अथवा किसी मतदाता के विरुद्ध आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया में निष्पक्ष जांच एवं उचित सुनवाई का अधिकार सुनिश्चित करने,राजनीतिक दलों द्वारा उठाई गई निर्वाचन संबंधी आपत्तियों एवं शिकायतों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण करने आदि मांग की।





