स्व. इंद्रमणि बडोनी की स्मृति में उत्तराखंड गौरव सम्मान कार्यक्रम हुआ
रुद्रपुर।राज्य आंदोलनकारी परिषद की ओर से नगर निगम सभागार, रुद्रपुर में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने पहाड़ से हो रहे पलायन पर चिंता जताई। पूर्व जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉक्टर आशुतोष पंत ने कहा कि हिमाचल मॉडल को अपनाकर बागवानी पर फोकस करना जरूरी है। उत्तराखंड के पहाड़ों में सुअर, बंदरों आदि जानवरों का इतना आतंक है कि लोगों ने खेती करना ही छोड़ दिया है। थोड़े बहुत उत्पाद होते भी हैं तो विपणन की अच्छी व्यवस्था ना होने से उनका लाभ भी किसानों को नहीं मिल पाता है। मेरा मानना है कि हर गाँव में प्रशिक्षण देकर फल और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाई जानी चाहिए़। युवा छोटी छोटी इकाइयां लगाकर स्वरोजगार करेंगे तो शहरों की तरफ नहीं भागेंगे। जब तक पहाड़ में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की अच्छी व्यवस्था नहीं होगी पलायन पर भाषण देना बेकार है। पहाड़ से चुनाव लड़कर बने जनप्रतिनिधि , ब्लॉक प्रमुख, विधायक खुद हल्द्वानी, रुद्रपुर, देहरादून जैसे शहरों में रहते हैं। दूसरों को नसीहत देने से पहले खुद वहां रहें तो कुछ बदलाव आ सकता है। कार्यक्रम में कुछ समाजसेवियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान दिया गया। अंगदान के लिये प्रेरित कर रहे पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ ललित उप्रेती, लोकगीतों के माध्यम से पलायन रोकने को प्रेरित करने वाली पौड़ी की रेखा बलूनी, मशरूम उत्पादन से कई लोगों को रोजगार दे रही रेखा नेगी आदि के साथ पर्यावरण सेवा के लिये डॉक्टर आशुतोष पंत को सम्मानित किया गया। इस मौके पर आयोजक संस्था के अवतार सिंह बिष्ट, पीसी शर्मा, एमके नैय्यर,राज्यमंत्री उत्तम दत्ता, राज्य आंदोलनकारी हुकम सिंह कुंवर आदि मौजूद थे।





