रुद्रपुर।ऊधम सिंह नगर सरस आजीविका मेला केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की ग्रामीण आत्मा और नारी शक्ति के अदम्य साहस का उत्सव है। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार की इस अनूठी पहल के माध्यम से देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिला शिल्पकार अपने हुनर, कला और अपनी परंपराओं को शहर तक लेकर आती है। सरस महत्वसव-2026 विविधता में एकता का एक जीवंत उदाहरण है। 10 दिनों तक यह मंच हस्तशिल्प और हथकरघा, ग्रामीण उत्पाद अनमोल विरासत का साक्षी बनेगा, जहां एक ओर आपको कई प्रदेशों के पारंपरिक स्वाद चखने को मिलेगा। वहीं दूसरी ओर हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की महफिल आपकी रूह को सुकून देगी। परियोजना निदेशक डीआरडीए हिमांशु जोशी ने बताया कि सरस मेले में जनपद व विभिन्न प्रदेशों के 180 स्टाल लगाए गए हैं। दो दिनों में सरस मेले में स्टालों द्वारा 23 लाख 67 हजार 777 रूपये की बिक्री की गई है।