सरकारी संपत्ति को विरुपित करने वालों पर डीएम हरिद्वार सख्त
हरिद्वार।जनपद में सरकारी सम्पति को भद्दा एवं विरुपित करने वालो के विरुद्ध जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि उनकी संपत्ति पर यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा कोई भी प्रचार प्रसार करता है एवं सरकारी संपत्ति को विरुपित करता है तो उनके विरुद्ध विरूपण अधिनियम के तहत नियम अनुसार अवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।उप जिलाधिकारी हरिद्वार जितेंद्र कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग संरचना एवं सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने दीवारों पर अवैध लिखावट, पोस्टर चिपकाकर सार्वजनिक संपत्तियों को विरूपित करने का कार्य किया गया है। जिस पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया द्वारा सार्वजनिक संपत्ति विरूपण अधिनियम के अंतर्गत थाना कनखल में नौ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग 334, मुजफ्फरनगर-हरिद्वार भाग के 4 लेन निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात वर्तमान में प्रचालन एवं रखरखाव चरण में है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 334 के किमी. 198 से किमी 200 हरिद्वार की ओर के मध्य कुछ व्यक्तियों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर स्थित सड़क संरचना एवं दीवारों पर बार-बार अपना प्रचार विज्ञापन लिखवाया जा रहा है। यह कृत्य न केवल सार्वजनिक एवं राजमार्ग संरचना को क्षति पहुंचाने वाला है, बल्कि संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत दंडनीय भी प्रतीत होता है। राष्ट्रीय राजमार्ग रख रखाव टीम द्वारा पूर्व में इन लिखावटों को पेंट कर मिटाया गया था कुछ संस्थानों एवं व्यक्तियों द्वारा पुनः यही अवैध लिखावट कर दी गई है। जिलाधिकारी ने संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने बताया कि सार्वजनिक संपत्ति विरूपण अधिनियम 2003 में सार्वजनिक संपत्तियों को विरूपित करने पर एक वर्ष की सजा तथा 10000 रूपये तक के जुर्माने का प्राविधान है।





