शराब के सेवन से नहीं मिलती ठंड से राहत
रुद्रपुर। ठंड जब बढ़ने लगती है तो अक्सर सुना जाता है कि शराब के दो पैक ले लो,ठंड से राहत मिलेगी,अच्छी खासी नींद भी आएगी। सर्दियों में उत्तर भारत में ठंड और शीतलहर का प्रकोप बढ़ जाता है। तलहटी में बसी तराई में खासी ठंड पड़ती है। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में तो बराबर ठंड पड़ती है।सर्दियों में तो अधिक ठंड के साथ बर्फबारी भी होती है।ज्यादातर लोग ठंड से राहत पाने के लिए शराब का सेवन करने लगते हैं।जिससे सर्दियों के मौसम में शराब की खपत बढ़ जाती है,वैसे भी शराब पीने वालों को कोई न कोई बहाना चाहिए। क्या वास्तव में शराब पीने से ठंड से राहत मिलती है या लोगों का भ्रम है। डॉक्टरों के अनुसार शराब पीने के बाद जो गर्मी महसूस होती है, वह सिर्फ एक अस्थायी फीलिंग है। असल में शरीर का तापमान घट रहा होता है। गंभीर मामलों में ये हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान अचानक ज्यादा गिरना) जैसी जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती है। नारायण अस्पताल एवं ट्रामा सेंटर के जाने माने हृदयरोग विशेषज्ञ डॉक्टर एसपी सिंह बताते हैं कि शराब के सेवन से कुछ क्षण के लिए गर्माहट का अहसास होता है। लेकिन इस दौरान शरीर का आंतरिक तापमान घटने लगता है।जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। यह खासकर हार्ट मरीजों के लिए ज्यादा खतरनाक है। शरीर के आंतरिक तापमान में कमी होने से हाइपोथर्मिया का रिस्क बढ़ सकता है।




