विधायक ने कहा, ईएसआइ हॉस्पिटल इलाज के नाम पर शून्य
रुद्रपुर। (लोक निर्णय) ईएसआइ हॉस्पिटल की नॉर्थ इंडिया मेडिकल कमिश्नर कमलेश हरीश पहुंची रुद्रपुर तो विधायक शिव अरोरा ने कमलेश से की शिष्टाचार भेंट।विधायक शिव अरोरा ने कहा कि ईएसआइ हॉस्पिटल इलाज के नाम पर शून्य है और बिल्डिंग के रूप में है।यह एक सफेद हाथी के रूप में रह गया है ।रुद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां दो लाख से अधिक ईएसआइ पंजीकृत श्रमिक है।जिनको इलाज के लिये दर दर भटकना पड़ता है, क्योंकि ईएसआइ हॉस्पिटल में मात्र चार परमानेंट डॉक्टर हैं जबकि इसके अलावा सभी संविदा डॉक्टर कार्यरत है। सुविधा के अभाव में श्रमिक दर-दर भटकता रहता है और कई गंभीर श्रमिक इलाज के अभाव में अपनी जान भी गवा चुके।एमपैनल हॉस्पिटल मे भी कई बार मनमानी नजर आती है, श्रमिकों को ठीक प्रकार से इलाज उपलब्ध नहीं हो पाता या श्रमिक की सुविधा अनुसार अस्पताल मे उसको रेफर नहीं मिलते। कुछ समय से ईएसआई हॉस्पिटल में यह समस्या भी आ रही है कि इनके पास पुख्ता इलाज नहीं होता और श्रमिकों को जल्दी से रेफर नहीं किया जाता जबकि कुछ गर्भवती महिलाएं जिनकी आने की स्थिति हॉस्पिटल नहीं होती उनको भी बिना आए यह रेफर नहीं करते गरीब श्रमिक केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहा ईएसआई हॉस्पिटल का लाभ सुविधाजनक रूप से नहीं ले पा रहा। एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड जैसे सुविधा भी ईएसआई हॉस्पिटल में उपलब्ध नहीं करवा पा रहा सरकार की मंशा के अनुरूप यह ईएसआइ हॉस्पिटल खरा उतरता नजर नहीं आ रहा जबकि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर गरीब को इलाज पहुंचे इसके लिए निरंतर कार्य कर रही है लेकिन यह ईएसआइ हॉस्पिटल सरकार की मंशा के अनुरूप बिल्कुल कार्य नहीं कर रहा यह विषय पिछले काफी समय से गंभीर बना हुआ है। कई बार एक्सीडेंट जैसे गंभीर विषय में कई लोगों ने अपनी जान भी गंवा दी। मेडिकल कमिश्नर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि यहां की व्यवस्था में सुधार आना चाहिए। साथ ही छोटे स्तर की बीमारियों का ईएसआइ हॉस्पिटल में इलाज सुनिश्चित हो इसके भी आवश्यक निर्देश दिए।





