मूंज के बॉक्स में सजी अल्मोड़ा की पश्मीना शाल
रुद्रपुर।मूंज के चौकर बॉक्स में अल्मोड़ा की पश्मीना शाल ऐसी सजी की विदेशों तक पहाड़ की खुशबू बिखेर रही है। इससे शाल के साथ खटीमा के हस्तनिर्मित मूंज की घास से बने बॉक्स की भी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पहचान बन रही है।स्थानीय कारीगरों को रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।इसे लेकर ऊधम सिंह नगर जिलाधिकारी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।राष्ट्रीय आजीविका मिशन और रीप योजना के तहत खटीमा विकास खंड में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पहौनिया मूंज घास ग्रोथ सेंटर खटीमा में मूंज की घास के करीब 25 उत्पाद बनाए जाते हैं।इस क्लस्टर से आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी करीब 1300 महिलाएं मूंज की घास से टोकरी,बॉक्स, सजावटी सहित उत्पाद बनाती हैं।जिसकी मांग देश विदेश में बढ़ रही है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर होकर परिवार को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रही हैं।कुछ दिन पहले ग्रोथ सेंटर को एक लाख रुपये के बॉक्स बनाने का आर्डर मिला है।जिसे तैयार करने में महिलाएं जुटी हैं।स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार की जा रही इन उच्च गुणवत्ता वाली पश्मीना शालों का निर्यात जर्मनी सहित कई देशों में किया जा रहा है। खास बात यह है कि इन शालों की पैकिंग पारंपरिक मूंज की घास से बने बॉक्स में की जा रही है, जिससे पहाड़ी संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दुनिया तक पहुंच रहा है। हस्तनिर्मित पश्मीना शालों के साथ पारंपरिक पैकेजिंग को विदेशी ग्राहक खूब पसंद कर रहे हैं। यह पहल न केवल अल्मोड़ा की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा दे रही है, बल्कि आत्मनिर्भर पहाड़ की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रही है।लोगों का कहना है कि पश्मीना शाल अब सिर्फ अपनी गुणवत्ता के लिए ही नहीं, बल्कि अनोखी पारंपरिक पैकेजिंग के लिए भी विदेशी बाज़ार में आकर्षण का केंद्र बन रही है।यह पहल स्थानीय हस्तशिल्प, कारीगरी और प्रकृति के संरक्षण को एक साथ जोड़ती है।प्लास्टिक से दूर, पूरी तरह प्राकृतिक और हस्तनिर्मित पैकेजिंग विदेशी ग्राहकों को खासा आकर्षित कर रही है। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं स्थानीय कारीगरों, बुनकरों की आमदनी भी बढ़ी है। बॉक्स में शाल पैकिंग कर भेजने पर शाल की कीमत बढ़ गई है।मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने बताया कि मूंज की घास से कई उत्पाद बनाए जाते हैं। जिसकी मांग देश विदेश में बढ़ रही है।बताया कि जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर के निर्देशन में समूहों के मध्यम से महिलाओं को रोजगार मुहैया कराया जा रहा है।अल्मोड़ा की एक महिला व्यवसाई ने मूंज की पश्मीना शाल की पैकेजिंग के लिए बॉक्स का आर्डर दिया है।स्थानीय महिलाए विभिन्न उत्पाद बनाकर न केवल आत्मनिर्भर हो रही हैं, बल्कि उनकी आमदनी भी बढ़ी है।स्वरोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।ग्रोथ सेंटर स्वयं सहायता महिला समूह संचालित कर रहा है।





