मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से संवरी शेखर की आर्थिकी
चंपावत।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं उत्तराखंड के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह खोल रही हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से युवा न केवल अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं।चम्पावत के चन्द्र शेखर जोशी की सफलता की कहानी अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत आवेदन कर “जोशी कंप्यूटर्स एंड सप्लायरर्स” नाम से अपना संस्थान स्थापित किया है। योजना के तहत उन्हें 3,40,000 रुपए का ऋण प्राप्त हुआ।जिसके माध्यम से उन्होंने आधुनिक कंप्यूटर उपकरण एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराते हुए अपने व्यवसाय की शुरुआत की।आज उनके इस संस्थान के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को विभिन्न ऑनलाइन आवेदन, प्रमाण-पत्र निर्माण तथा अन्य डिजिटल सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों को सुविधा मिल रही है।मुख्यमंत्रीधामी का विजन है कि राज्य का युवा “जॉब सीकर” के बजाय “जॉब गिवर” बने। चन्द्र शेखर जोशी ने इस सोच को साकार करते हुए अपने संस्थान में एक अन्य स्थानीय युवा को भी रोजगार प्रदान किया है। इस प्रकार उनकी पहल से दो परिवारों की आजीविका सुदृढ़ हुई है। चन्द्र शेखर जोशी ने बताया कि स्वरोजगार स्थापित करने के बाद वे प्रतिमाह लगभग 25,000 से 30,000 रुपये तक की सम्मानजनक आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है।जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उन्हें समाज में एक उद्यमी के रूप में नई पहचान मिली है।





