प्रशासन की सख्ती से सहमे अवैध कब्जेदार
रुद्रपुर।सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रदेश सरकार ने मुहिम शुरू की तो इसे अमलीजामा पहनाने में जिला प्रशासन जुटा है।गूलरभोज में कोपा ठंडा नाला में सिंचाई विभाग ने 29 नवंबर को डाउन स्ट्रीम से अतिक्रमण हटाया था।इस भूमि पट्टी से पीछे करीब दो हेक्टेयर सरकारी भूमि पर कई निर्माण हुए हैं।इनमें चार धार्मिक स्थल भी हैं।प्रशासनिक टीम ने इन सभी निर्माण को चिन्हित किए।जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वित्त कौस्तुभ मिश्रा ने एसडीएम गदरपुर और पुलिस फोर्स के साथ सोमवार कोपा ठंडा नाला पहुंचे।इस दौरान टीम में शामिल लोगों ने अवैध भवनों पर नोटिस चस्पा करने लगे।यह देख कुछ लोग विरोध करने का मन बनाया, लेकिन एडीएम मिश्रा की सख्ती देख लोग शांत हो गए।टीम ने 65 निर्माण पर नोटिस चस्पा कर 15 दिन में स्वयं अवैध कब्जा हटाने का अल्टीमेटम दिया है।
हालांकि इस दौरान एक महिला ने कहा कि गांव के ही असगर अली से स्टाम्प पर जमीन खरीदी है।यह सुन एडीएम की भृकुटी तन गई और उन्होंने सिंचाई विभाग को जांच कर कार्रवाई करने की हिदायत दी। इस पर सिंचाई विभाग के एसडीओ पंकज ढौंडियाल ने तहरीर देकर कहा कि असगर अली ने सरकारी भूमि को धोखाधड़ी से बेची है।ऐसे एक दो मामले हैं।सूत्रों के अनुसार जांच में और भी मामले सामने आ सकते हैं।एडीएम कौस्तुभ ने कहा कि सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जा को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध कब्जा हटाया जाएगा।पुलिस ने आरोपित पर मंगलवार को प्राथमिकी पंजीकृत की।इसके साथ ही पुलिस एक्शन में आ गई और आरोपित को दबोच भी लिया।बुधवार को कोर्ट में पेश कर दिया था। इससे पहले जिला प्रशासन ने किच्छा के सिरौली कलां और रुद्रपुर में खेड़ा से सरकारी भूमि को अवैध कब्जा से मुक्त कराया। बताया जा रहा है कि अब प्रशासन जल्द पंतनगर में मस्जिद कालोनी में हुए अवैध कब्जेदारों को ध्वस्तीकरण से पहले नोटिस देने की कार्रवाई कर सकता है। सरकार की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन अवैध कब्जा हटाकर सरकारी लैंड बैंक का दायरा बढ़ाने में कमर कस ली है। इस लैंड बैंक पर क्या योजना लाती है या किस उपयोग में लाती है,यह तो बाद में ही पता चल पाएगा।प्रशासन की सख्ती से अवैध कब्जेदारों में खलबली मची है कि कभी भी उनके अवैध भवनों पर भी प्रशासन का बुलडोजर चल सकता है।इसे लेकर लोग सहमे हुए हैं।




