उत्तराखंड ऊधम सिंह नगर शिक्षा

पंत विवि क्यूएस रैंकिंग से बाहर,शिक्षा व शोध की गुणवत्ता पर सवाल

पंतनगर। पिछले चार वर्षों से दुनिया की प्रसिद्ध क्यूएस रैंकिंग में शानदार प्रदर्शन कर रहा पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय दुर्भाग्य से इस साल रैंकिंग से पूरी तरह बाहर हो गया।जबकि इस बार देश के अनेक विश्वविद्यालय जैसे आइएआरआइ नई दिल्ली, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, यूएएस बेंगलोर, बीएचयू वाराणसी क्यू एस रैंकिंग के कृषि एवं वानिकी खण्ड में पहली बार अपना स्थान बना पाए,वहीं तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय ने अपना स्थान बनाये रखा। पंत विवि के रैंकिंग से बाहर होने पर विवि के शिक्षक और कर्मचारी चिंतित हैं कि देश का पहला और हरित क्रांति का श्रेय लेने वाला पंत विवि क्यूएस रैंकिंग से बाहर हो गया। पंतनगर विश्वविद्यालय देश के कृषि विश्वविद्यालयों में पहला संस्थान था ।जिसे क्यूएस रैंकिंग में वर्ष 2022 में शामिल होने का गौरव प्राप्त हुआ। इसके बाद तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय भी शामिल हुआ। तब से लगातार विश्व क्यूएस रैंकिंग में शामिल पंतनगर इस वर्ष पूरी सूची से ही बाहर हो जाना विश्वविद्यालय और देश के लिए चिंता का विषय है।शिक्षकों का कहना है कि क्यूएस रैंकिंग में शामिल होने के लिए किसी संस्थान को कोई आवेदन नहीं करना पड़ता है, बल्कि क्यूएस रैंकिंग संस्था अपने स्तर पर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों को एकेडमिक श्रेष्ठता, रोजगारपरकता, शोध उत्कृष्टता और अंतर्राष्ट्रीय शोध नेटवर्क के आधार पर चिन्हित करती है । इस प्रक्रिया में एक लाख से अधिक रोजगार देने वाली फर्मों और डेढ़ लाख से अधिक शिक्षाविदों से डाटा एकत्र किया जाता है।जिसके आधार पर क्यूएस रैंकिंग घोषित किया जाता है। शोध पत्रों का डेटा स्कोपस इनडेक्स से लिया जाता है। जहां भारत के अनेक नए विश्वविद्यालय का क्यूएस रैंकिंग में शामिल होना गर्व की बात हैं।शिक्षकों में चर्चा है कि पंतनगर जैसे विश्वविद्यालय का रैंकिंग से बाहर हो जाना चिंता और दुख का विषय है। आख़िर रैंकिंग में विवि के शामिल न होने के जिम्मेदार कौन लोग हैं? विद्यार्थी भी अपनी शिक्षा और शोध की गुणवत्ता को लेकर तरह तरह के महसूस कर रहे हैं।पंत विवि प्रशासन शिक्षा और शोध की गुणवत्ता का बखान करते नहीं थकता था, लेकिन रैंकिंग में विवि के शामिल न होने पर अब प्रशासन की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया। क्यूएस रैंकिंग में पंत विवि के शामिल न होने के संबंध में पंत विवि के शोध निदेशक डॉक्टर एसके वर्मा और कुलपति डॉक्टर मनमोहन सिंह चौहान को फोन किया तो किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। मैसेज का भी जवाब नहीं मिला।

locnirnay@gmail.com

locnirnay@gmail.com

About Author

You may also like

शिक्षा

तीन भाषाओं में पढ़ाने पर शिक्षिका मंजू बाला को मिलेगा पुरस्कार

लोक निर्णय,रुद्रपुर: कहते है कि यदि कुछ करने का जज्बा हो तो हर मंजिल खुद कदम चूमती है।इसी जज्बे और
ऊधम सिंह नगर

यूएस नगर में शपथ नहीं ले पाए 99 ग्राम प्रधान, मायूस

लोक निर्णय,रुद्रपुर: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कड़े मुकाबले में प्रधान तो चुने गए, मगर कोरम पूरा न होने पर 99