ऊधम सिंह नगर कारोबार

नगर निगम की विश्वकर्मा मार्केट के पुनर्वास की कवायद तेज

रुद्रपुर। (लोक निर्णय)निर्माणाधीन बस टर्मिनल की जद में आने के कारण हटाई गई विश्वकर्मा मार्केट के प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास की कवायद तेज हो गई है। शॉपर स्ट्रीट के सामने कल्याणी नदी के पास नई विश्वकर्मा मार्केट विकसित करने की दिशा में नगर निगम ने प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। महापौर विकास शर्मा ने सोमवार को नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों और प्रभावित व्यापारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान नई मार्केट के नक्शे, दुकानों के आकार, भूमि आवंटन और मूलभूत सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि आवंटन से संबंधित सभी औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएं, ताकि प्रभावित व्यापारी जल्द से जल्द अपना कारोबार दोबारा शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि इसी सप्ताह पात्र व्यापारियों को दुकानों के लिए भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद भूमि पूजन कर नई विश्वकर्मा मार्केट के निर्माण की विधिवत शुरुआत की जाएगी। किच्छा बाईपास रोड पर निर्माणाधीन बस टर्मिनल की जद में आने के कारण प्रशासन ने पिछले दिनों विश्वकर्मा मार्केट को हटा दिया था। मार्केट हटने से वहां वर्षों से कारोबार कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे कई दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। इस दौरान महापौर विकास शर्मा ने प्रभावित व्यापारियों को भरोसा दिया था कि विकास कार्य के कारण किसी भी पात्र दुकानदार को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा और नगर निगम उनके पुनर्वास की व्यवस्था करेगा।महापौर विकास शर्मा ने बताया कि नगर निगम की ओर से प्रारंभिक रूप से वेंडिंग जोन की तर्ज पर यहां भी दुकानों का निर्माण कर प्रभावित व्यापारियों को देने की योजना बनाई गई थी। इस पर व्यापारियों ने अपनी जरूरत और व्यवसाय की प्रकृति के अनुसार स्वयं दुकान बनाने की अनुमति देने का अनुरोध किया। व्यापारियों की मांग को देखते हुए अब नगर निगम तैयार दुकानें देने के बजाय निर्धारित आकार की भूमि आवंटित करेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी आवंटित स्थान पर नगर निगम द्वारा स्वीकृत नक्शे और निर्धारित मानकों के अनुरूप अपनी दुकान का निर्माण स्वयं करा सकेंगे। इससे अलग-अलग व्यवसाय करने वाले दुकानदार अपनी जरूरत के हिसाब से दुकान को तैयार कर पाएंगे। हालांकि पूरी मार्केट की एकरूपता और सुव्यवस्थित स्वरूप बनाए रखने के लिए निर्माण निर्धारित नक्शे के अनुसार ही करना होगा।महापौर ने बताया कि प्रस्तावित मार्केट में फिलहाल निर्धारित आकार की करीब 25 से 26 दुकानों के लिए स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं। आवंटन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उन्हीं दुकानदारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनका नगर निगम के रिकॉर्ड में विवरण दर्ज है और जो नियमित रूप से निगम को टैक्स देते रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक परिवार से एक ही पात्र व्यक्ति को दुकान के लिए स्थान दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक वास्तविक प्रभावित कारोबारियों का पुनर्वास किया जा सके। यदि सत्यापन के बाद कोई पात्र दुकानदार इस मार्केट में स्थान की कमी के कारण छूट जाता है तो नगर निगम उसके लिए अन्य स्थान पर व्यवस्था करने का प्रयास करेगा।नई विश्वकर्मा मार्केट को केवल दुकानों के समूह के रूप में नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित व्यावसायिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।महापौर ने कहा कि दुकानों के लिए भूमि आवंटन से संबंधित कागजी कार्रवाई मंगलवार तक पूरी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र दुकानदारों को आवंटन पत्र जारी किए जाएंगे और निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण की अनुमति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि भूमि पूजन की प्रक्रिया भी जल्द पूरी हो और व्यापारी बिना समय गंवाए अपनी दुकानें बनाना शुरू कर दें। जो दुकानदार फिलहाल कारोबार बंद होने के कारण आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द दोबारा रोजगार से जोड़ना नगर निगम की प्राथमिकता है।महापौर विकास शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास और जनहित को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। विकास कार्य शहर के भविष्य के लिए जरूरी हैं, लेकिन इन कार्यों के कारण यदि किसी का रोजगार प्रभावित होता है तो उसके पुनर्वास की जिम्मेदारी से भी मुंह नहीं मोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रभावित हुए पात्र कारोबारियों को वेंडिंग जोन के माध्यम से पुनर्वासित किया गया था। उसी नीति को आगे बढ़ाते हुए अब विश्वकर्मा मार्केट के प्रभावित दुकानदारों के लिए नई मार्केट विकसित की जा रही है।महापौर ने कहा कि विश्वकर्मा मार्केट के व्यापारियों से जो वादा किया गया था, उसे अब धरातल पर उतारा जा रहा है। महापौर विकास शर्मा ने कहा कि नगर निगम शहर की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ जनभावनाओं और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम कर रहा है। रुद्रपुर को सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाने के लिए लगातार योजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सहयोग से हाल के दिनों में रुद्रपुर के लिए कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को स्वीकृति मिली है। आने वाले समय में इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से शहर के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव दिखाई देगा। महापौर ने कहा कि “हमारा लक्ष्य सिर्फ निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि ऐसा रुद्रपुर बनाना है जहां विकास के साथ व्यापार, रोजगार और आम नागरिकों के हित भी सुरक्षित रहें। विश्वकर्मा मार्केट का पुनर्वास इसी सोच का हिस्सा है।

locnirnay@gmail.com

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