देवभूमि में स्वागत का दिव्य संदेश त्रिशूल
रुद्रपुर। देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान को और अधिक सशक्त करने की दिशा में रुद्रपुर नगर निगम जुट गया है। कुमाऊं के प्रवेश द्वार रुद्रपुर के इंदिरा चौक पर त्रिशूल स्थापित हो गया है। जिससे बाहर से आने वालों को शक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देगा। त्रिशूल का अनावरण 14 फरवरी को गांधी पार्क में लगने वाले दस दिवसीय सरस मेला के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री अंतर्राष्ट्रीय मानक से तैयार एथलेटिक्स ट्रैक, बैडमिंटन कोर्ट का शुभारंभ करेंगे।कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जिले के अधिकारी जुटे हुए हैं।नगर निगम की इस पहल से न केवल शहर की सौंदर्यात्मक छवि को नया आयाम मिलेगी, बल्कि देवभूमि में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को उत्तराखंड की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का संदेश भी देगी।त्रिशूल, भगवान शिव की शक्ति, संरक्षण और संतुलन का प्रतीक माना जाता है। यह सृष्टि, पालन और संहार के सिद्धांत को दर्शाते हुए धर्म के मार्ग पर चलने का संकेत देता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि यह प्रतीकात्मक स्थापना उत्तराखंड को न केवल एक भौगोलिक राज्य नहीं, बल्कि आस्था और अध्यात्म की भूमि के रूप में प्रस्तुत करेगी। उत्तर प्रदेश से रुद्रपुर में प्रवेश करते ही त्रिशूल के दर्शन से यात्रियों को यह अनुभूति होगी कि वे देवभूमि की पवित्र धरती पर कदम रख चुके हैं।शहरवासियों का कहना है कि यह पहल युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। साथ ही, रुद्रपुर की पहचान अब केवल औद्योगिक नगर के रूप में नहीं, बल्कि कुमाऊं के आध्यात्मिक द्वार के रूप में भी स्थापित होगी। यहां बता दूं कि कुमाऊं के राजा रूद्र चंद के नाम पर इस शहर का नाम रुद्रपुर रखा गया है। राजा रूद्र ने रुद्रपुर में 16 वीं शताब्दी में सैन्य स्थापित किया था।यहां देश विभाजन के बाद वर्ष,1948 में पाकिस्तान से आए विस्थापितों को बसाया गया।बाद में बंगाली हिंदुओं को बसाया गया। सभी धर्मों के लोग यहां रहते हैं,इसकिए रुद्रपुर को कौमी एकता का गुलदस्ता कहा जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरस मेले में विभिन्न कार्यक्रम होंगे।मेले में करीब सौ स्टाल लगाए जाएंगे।जिनमें 25 स्टाल स्थानीय होंगे। रुद्रपुर मेयर विकास शर्मा ने बताया कि मेले के दौरान मुख्यमंत्री करीब सौ करोड़ से अधिक लागत से विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास करेंगे।e





