उत्तराखंड ऊधम सिंह नगर शिक्षा

डॉ.राजेंद्र थे सांस्कृतिक आंदोलन के सिपाही

रुद्रपुर।प्रोफेसर राजेन्द्र कुमार कुछ उन साहित्यकारों में से एक रहे हैं, जो जन से जुड़ाव के साथ चुपचाप अपने रचना कर्म में सक्रिय रहने में विश्वास करते हैं।ये बातें शहीद भगत सिंह पुस्तकालय में आयोजित प्रोफेसर राजेंद्र कुमार स्मृति चर्चा में उभर कर आई। वरिष्ठ साहित्यकार, संस्कृतिकर्मी, आलोचक, कवि डॉक्टर राजेंद्र कुमार जी का विगत 16 जनवरी को दुखद निधन हो गया था। उनकी याद में आयोजित चर्चा में वक्ताओं ने राजेंद्र कुमार के सहज व्यक्तित्व, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एक शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों से मित्रवत जुड़ाव व साहित्य-संस्कृति के क्षेत्र में उनकी जनपक्षधर सक्रियता पर बातें रखीं। इस दौरान उनके लेखों व चुनिंदा कविताओं का पाठ हुआ, जो उनके व्यक्तित्व का दर्पण है।वक्ताओं ने कहा कि वे एक लोकप्रिय अध्यापक, साहित्यिक अभिभावक, संपादक, अदम्य जिजीविषा से ओत-प्रोत और सृजन, विचार व आंदोलन के व्यक्ति रहे हैं। उनमें जहां वैचारिक दृढ़ता थी, वहीं व्यावहारिक लचीलापन, शालीनता और लोकतांत्रिकता थी। उन्होंने कहा कि राजेंद्र के सक्रिय योगदान और समतामूलक समाज निर्माण के उनके सपने को आगे बढ़ाया जा सके।संचालन सामाजिक कार्यकर्ता मुकुल ने किया।
चर्चा में वरिष्ठ साहित्यकार शंभू पांडे शैलेय, सृजन पुस्तकालय की ऊषा टम्टा, डॉ राजेश प्रताप सिंह, प्रोफेसर भूपेश कुमार सिंह, पत्रकार असलम कोहरा, शिक्षक संदीप कुमार, अंज़ार अहमद, महेंद्र राणा, धीरज जोशी, हरेंद्र सिंह, सुधीर कुमार आदि ने भागीदारी की।

locnirnay@gmail.com

locnirnay@gmail.com

About Author

You may also like

शिक्षा

तीन भाषाओं में पढ़ाने पर शिक्षिका मंजू बाला को मिलेगा पुरस्कार

लोक निर्णय,रुद्रपुर: कहते है कि यदि कुछ करने का जज्बा हो तो हर मंजिल खुद कदम चूमती है।इसी जज्बे और
ऊधम सिंह नगर

यूएस नगर में शपथ नहीं ले पाए 99 ग्राम प्रधान, मायूस

लोक निर्णय,रुद्रपुर: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कड़े मुकाबले में प्रधान तो चुने गए, मगर कोरम पूरा न होने पर 99