जानिए, किस काल में करें धनवंतरी की पूजा
रुद्रपुर। आयुर्वेद और आरोग्य के देवता धन्वंतरि का अवतरण दिवस 18 अक्टूबर को है। इस दिन धनवंतरी की पूजा तो होती ही है,लोग शुभ के लिए कोई न कोई सामान खाकर बर्तन, सोना,चांदी, वाहन आदि खरीदते हैं।इसे लेकर बाजार भी सज गया है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए धनतेरस को धन्वंतरि अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्हें आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है, इसलिए यह दिन स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के लिए महत्वपूर्ण है।डॉक्टर डीसी पसबोला ने बताया कि धनतेरस को धन, समृद्धि और नई शुरुआत का पर्व भी माना जाता है। इस दिन सोना, चांदी और बर्तन खरीदना शुभ होता है। इस दिन दोपहर में नवीन वस्तुओं की खरीददारी करना शुभ माना जाता है। प्रदोष काल में भगवान धन्वंतरि की पूजा विधि-विधान से की जाती है। यदि किसी कारणवस आप 18 अक्टूबर को खरीदारी नहीं कर पाते हैं तो 19 अक्टूबर को अपराह्न एक बजकर 52 मिनट तक भी खरीदारी की जा सकती है। बताया किपूजा करते समय ‘ॐ धन्वंतराये नमः’ जैसे मंत्रों का जाप करें।शुद्ध पारे से बनी पारद धन्वंतरि मूर्ति की पूजा करना विशेष रूप से शुभ होता है, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर में समृद्धि लाता है। डॉक्टर पसबोला ने बताया कि प्रसिद्ध धन्वंतरि मंदिरों में जाकर भगवान के दर्शन करें, जैसे कि वेल्लनकन्नी, गुरुवायूर या काशी के मंदिर। इस दिन अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सचेत रहने का प्रण लें, क्योंकि स्वास्थ्य एक अनमोल संपत्ति है।





