चार माह बाद भी कुलपति की नियुक्ति नहीं
पंतनगर।गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया विगत चार माह से चल रही है। चार माह बाद इस पद पर आवेदन करने वालों से मंगलवार को कुछ दस्तावेज मांगे गए हैं। इससे लगता है कि पंतनगर को कुलपति मिलने में अभी भी काफी देर है ।
पंत विवि के कुलपति पद पर नियुक्ति के लिए इस वर्ष 31 जुलाई को विज्ञापन निकला तथा 17 अगस्त तक आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि थी।नियुक्ति के लिए सर्च कमेटी बनाने में ही दो माह से अधिक समय लग गए। तब से सर्च कमेटी ने तीन बैठकें कर लीं,मगर अभी भी लगता है कि नियुक्ति में काफी समय लगने की संभावना जताई जा रही है। इसके उलट प्रदेश के टेक्निकल विश्वविद्यालय और उत्तराखंड ओपन विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति आनन -फानन समय से हो गई।वहीं पंतनगर के मामले में ऐसी फुर्ती नहीं दिख रही है। जिससे लोगों में नियुक्ति को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। हैरानी है कि अभी पंत विवि में कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया इतनी धीमे क्यों है, जबकि करीब तीन बार कमेटी की बैठक भी हो चुकी हैं। अब नौ दिसंबर को शासन ने कुलपति के लिए आवेदन करने वालों से दस्तावेज जमा करने को कह दिया है और इसकी अंतिम तिथि 18 दिसंबर है।सूत्रों के अनुसार करीब 120 लोगों ने आवेदन किए हैं ।जिनमें से कई ऐसे लोग हैं,जिन्होंने उम्र, योग्यता या प्रोफेसर का अनुभव प्रमाण पत्र जमा नहीं किए हैं। इसलिए दस्तावेज मांगे गए हैं।अब देखना है कि इस पर नियुक्ति के लिए अब कितना वक्त लगता है।चर्चा है कि पंत विवि पहले भी जब भी कार्यवाहक कुलपति के सहारे रहा, कार्यवाहक कुलपति के सीमित अधिकारों के कारण शोध,शिक्षण प्रभावित होती रही। ऐसे में पंतनगर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की छवि और साख बुरी तरह प्रभावित हो रहा है,मगर शासन इस बात से चिंतित प्रतीत होता नहीं लग रहा है। शिक्षकों का कहना है कि जब कुलपति का कार्यकाल खत्म होता है,उससे पहले नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।जिससे विवि सुचारू रूप से चलता रहे।




