कवियों ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया
रुद्रपुर।नगर निगम सभागार में बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति (पंजीकृत) द्वारा पांचवें वार्षिक अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मेयर विकास शर्मा एवं भाजयुवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष बिट्टू चौहान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। नेपाल से खिमानन्द बडू, रमेश पन्त ‘मीतबन्धु’, प्रजापति नेगी एवं हेमबाबू लेखक की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं इंडोनेशिया से सुषमा श्रीवास्तव ने सहभागिता कर आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। देश-विदेश के कवियों ने काव्य पाठ के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार एवं उसके उत्थान का सार्थक संदेश दिया। स्थानीय कवियों ने भी अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।संस्था के संस्थापक एवं संचालक बादल बाज़पुरी ने देशभक्ति से ओतप्रोत पंक्तियाँ प्रस्तुत करते हुए कहा—
“जवानी हम लुटा देंगे सुनो इस देश की खातिर,मगर अपने तिरंगे को कभी झुकने नहीं देंगे।”
वरिष्ठ कवि अशोक अंजाना (रुद्रपुर) ने पढ़ा “शीत बढ़ने लगी, ताप घटने लगा,
आदमी राम का नाम जपने लगा।”बागपत से आए कवि राहुल धामा ने अपनी ग़ज़ल की पंक्तियाँ सुनाईं“संगमरमर की एक मूरत हो, चांद की जैसी खूबसूरत हो सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।कार्यक्रम की अध्यक्षता सुशील बुड़ाकोटी ने की। संचालन बादल बाज़पुरी एवं नीलेश निराला ने संयुक्त रूप से किया।




