ऐसे बनीं कमला आत्मनिर्भर
चंपावत। लोहाघाट विकासखंड मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित नई बलाई गांव की कमला देवी ने ग्रामोत्थान योजना के तहत स्थापित स्वयं सहायता समूह की सदस्य के रूप में पशुपालन व्यवसाय की शुरुआत की। योजना से उन्हें आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ, जिसके अंतर्गत गाय पालन गतिविधि के लिए 35 हजार की ब्याजमुक्त राशि मिली। इस राशि से उन्होंने उन्नत नस्ल की गाय खरीदी, जो प्रतिदिन 10 से 12 लीटर दूध दे रही है।कमला देवी ने दूध को पास के डेयरियों एवं आसपास के घरों में बेचती हमजिससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 12 हजार से 15,000 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। इससे न केवल उनकी आर्थिकी सुदृढ़ हुई है, बल्कि परिवार की जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव आया है।कमला को ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत ब्लॉक प्रशासन से गौशाला निर्माण हेतु भी सहयोग मिला। जिसके माध्यम से उन्होंने व्यवस्थित गोशाला का निर्माण किया है।कमला देवी बताती हैं कि ग्रामोत्थान योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।इसी का नतीजा है कि वह अब अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में योगदान दे रही है।





