एसटीएफ की साइबर कुमाऊं यूनिट ने किया अवैध सिम बॉक्स टेलीकॉम गेटवे का पर्दाफाश,आरोपित का बांग्लादेश से कनेक्शन
रुद्रपुर।( लोक निर्णय) मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के साइबर अपराध मुक्त उत्तराखण्ड के संकल्प एवं पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ के दिशा-निर्देशन में साइबर अपराध एवं साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे आप्रेशन हाट स्पाट अभियान के अन्तर्गत एसटीएफ की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में एसटीएफ / साइबर कुमाऊं टीम ने प्राप्त इनपुट पर कार्यावाही करते हुए बाजपुर, ऊधम सिंह नगर में संचालित एक अवैध सिम बॉक्स टेलीकॉम गेटवे का पर्दाफाश किया है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि स्पेशल टास्क फोर्स की साइबर टीम द्वारा काफी समय से अवैध सिम बॉक्स के सम्बन्ध में सूचना विकसित कर कार्यवाही के प्रयास किए जा रहे थे साथ ही इस सम्बन्ध एसटीएफ टीम दूरसंचार विभाग डीओटी के लगातार सम्पर्क में थी।जिसके क्रम में बाजपुर क्षेत्र में एक मकान से सिम बॉक्स के माध्यम से अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित किये जाने सम्बन्धी इनपुट प्राप्त हुए। प्राप्त इनपुट के आधार पर एसटीएफ की साइबर टीम द्वारा बाजपुर के मुडिया, ईदगाह के पास स्थित मकान पर दबिश दी गई। दबिश के दौरान सिम बॉक्स के माध्यम से अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित कर रहे अभियुक्त कादिर पुत्र जाबिर अली, उम्र करीब 24 वर्ष, निवासी मिलक जुम्मावाली, ग्राम बेरखेड़ा चक, थाना भगतपुर, जनपद मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया गया। मौके से दो सिम बॉक्स, 77 एंटीना, 114 एयरटेल सिम कार्ड, मोबाइल फोन, इंटरनेट राउटर एवं अन्य टेलीकॉम उपकरण बरामद किए गए तथा अभियुक्त के विरूद्ध सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर कार्रवाई की जा रही है।जांच में मामला सामने आया कि आरोपित सिम बॉक्स के माध्यम से विदेशी एवं इंटरनेट (VoIP) कॉल्स को भारतीय लोकल मोबाइल कॉल्स में परिवर्तित कर रहा था। इसके कारण कॉल प्राप्त करने वाले व्यक्ति के मोबाइल पर विदेशी नंबर के स्थान पर भारतीय मोबाइल नंबर दिखाई देता था और कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान एवं लोकेशन छिपाने में मदद मिलती थी।
अवैध गेटवे में अलग-अलग व्यक्तियों की आइडी का दुरुपयोग कर प्राप्त किए गए सिम कार्डों का इस्तेमाल किया जा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपित का सम्पर्क बांग्लादेश के साइबर अपराधियों से होना तथा उनके माध्यम से आर्थिक लाभ प्राप्त करना सामने आया है। आरोपित ने बताया कि गेटवे को करीब सात माह से संचालित किया जा रहा है।आरोपित पूर्व में भी साइबर अपराधियों के सम्पर्क में रहा है तथा वर्ष 2023 में थाना कटघर, जनपद मुरादाबाद से सिम बॉक्स के माध्यम से अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित करने के मामले में गिरफ्तार हो चुका है और वर्तमान में जमानत पर है।एसटीएफ ने आरोपित के साइबर नेटवर्क, विदेशी सम्पर्क, बैंक खातों एवं अन्य सहयोगियों के सम्बन्ध में गहनता से जांच कर रही है।एसएसपी ने बताया कि विदेशी/VoIP कॉल्स को भारतीय लोकल नंबर के रूप में प्रदर्शित किया जाता था।कॉलर की वास्तविक पहचान एवं लोकेशन छिपाने का प्रयास करना।फर्जी/दूसरों के दस्तावेजों पर जारी सिम कार्डों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल।डिजिटल अरेस्ट, फर्जी अधिकारी बनकर ठगी एवं अन्य साइबर अपराधों में उपयोग।अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज के माध्यम से सरकारी राजस्व एवं टेलीकॉम कंपनियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाना।आरोपित कादिर पुत्र जाबिर अली निवासी मिलक जुम्मावाली ग्राम बेरखेड़ा चक थाना भगतपुर जिला मुरादाबाद उप्र का रहने वाला है।आरोपित के पास से दो सिम बॉक्स (32 स्लॉट) 77 सिम बॉक्स एंटीना, 114 एयरटेल सिम कार्ड, एक एयरटेल इंटरनेट राउटर, एक सैमसंग A35 मोबाइल मय सिम,LAN/USB केबल एवं कनेक्टर, दो एसी एडाप्टर, दो पावर केबल, एक फाइबर वायर, एक मीडिया कन्वर्टर, एक एक्सटेंशन बोर्ड एवं अन्य टेलीकॉम उपकरण बरामद हुए।एसटीएफ टीम मे निरीक्षक अरूण कुमार, निरीक्षक एमपी सिंह, उपनिरीक्षक शंकर सिंह रावत,उपनिरीक्षक अशोक कांडपाल, उपनिरीक्षक प्रकाश भगत,अपर उपनिरीक्षक सत्येन्द्र गंगोला, हेड कांस्टेबल गोविन्द सिंह, मोहित वर्मा,हेड मनोज कुमार, कांस्टेबल मुहम्मद उस्मान, प्रवीण आगरी, गुरवन्त सिंह हेड कांस्टेबल संजय कुमार थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि सिम बॉक्स जैसी तकनीक के माध्यम से पहचान छिपाने का प्रयास करने वाले साइबर अपराधियों के विरुद्ध एसटीएफ द्वारा आधुनिक साइबर फॉरेंसिक एवं तकनीकी संसाधनों की सहायता से प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। फर्जी दस्तावेजों पर सिम उपलब्ध कराने वाले एजेंटों एवं नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।





