आयुष्मान योजना में मरीजों के इलाज के नाम पर अस्पतालों में बड़ी गड़बड़ी
रुद्रपुर।आयुष्मान भारत योजना में निजी अस्पतालों में फर्जी तरीके से ओवर बिलिंग का मामला सामने आया है।सामान्य बुखार तक को सर्जरी दिखाकर बिलिंग कर दी गई है।इलाज के नाम पर अस्पतालों ने मरीजों का नहीं, बल्कि सरकार का भरोसा का ऑपरेशन कर डाला।इससे मरीजों का हक मारा जा रहा है।जांच से इस खेल में शामिल अस्पताल संचालकों में खलबली मची हुई है।आयुष्मान भारत योजना में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा है।ऊधम सिंह नगर में योजना में 68 निजी अस्पताल और 33सरकारी अस्पताल पंजीकृत हैं।इस साल जनवरी से सितंबर 2025 तक मरीजों के इलाज के लिए 84 692 क्लेम किए गए।इलाज में करीब एक अरब 68 करोड़ 69 हजार रुपये स्वीकृत हुए हैं। जब राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने क्लेम की जांच की तो 11933 क्लेम रिजेक्ट कर दिए गए हैं। इसकी राशि करीब 27 करोड़, 16 लाख रुपये बनती है। सूत्रों के अनुसार रिजेक्ट की वजह बताई जा रही है कि सर्जरी नहीं हुई थी,फिर भी बिलिंग की गई है।जो मरीज ओपीडी में ही दिखाने से ठीक हो सकते थे,उन्हें भी भर्ती दिखाया गया है। जांच में बिलिंग का मिलान किया गया तो गड़बड़ी पाई गई है।अब एक बड़े घोटाले की आंच में घिर गई है। अस्पतालों ने इलाज किए बिना ही भारी-भरकम बिल बना दिया है। बताया जा रहा है कि सामान्य बीमारियों को गंभीर बताकर महंगे पैकेज क्लेम किए गए।
कुछ अस्पतालों ने एक ही मरीज के नाम पर बार-बार बिल लगा दिया है।फर्जीवाड़े का मामला उजागर होने से उन हजारों गरीब परिवारों में चिंता बढ़ गई है, जो इस योजना पर पूरी तरह निर्भर हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर केके अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।




