सीएसआईआर–सीबीआरआई, रुड़की ने मनया 80वाँ स्थापना दिवस
रुड़की। सीएसआईआर–केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई), रुड़की ने अपना 80 वां स्थापना दिवस मनाया। रवींद्रनाथ टैगोर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।जहां संस्थान की आठ दशकों की यात्रा और राष्ट्रीय विकास में उसके योगदान को रेखांकित किया गया। मुख्य अतिथि वसीएसआईआर–सीबीआरआई के पूर्व निदेशक डॉ. एन. गोपालकृष्णन तथा विशिष्ट अतिथि सीएसआईआर के पूर्व मुख्य लेखा अधिकारी एवं वर्तमान में केंद्रीय विश्वविद्यालय, ओडिशा के वित्त अधिकारी दुर्योधन सेठी उपस्थित थे। डॉ. एन. गोपालकृष्णन ने कहा कि संस्थान ने भवन विज्ञान, आपदा न्यूनीकरण और अनुसंधान-आधारित नीति निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने उच्च हिमालयी क्षेत्रों के लिए विकसित उन्नत मॉडलिंग तकनीकों, हीटिंग टेक्नोलॉजी, भवन सामग्री एवं सीएसआईआर आवास से जुड़े अत्याधुनिक उपकरणों पर किए जा रहे अनुसंधान को विशेष रूप से रेखांकित किया। साथ ही, उन्होंने भू-तकनीकी (जियोटेक्निकल) एवं संरचनात्मक अभियंत्रण के क्षेत्र में सीबीआरआई की विशेषज्ञता की प्रशंसा करते हुए संस्थान के निदेशक के नेतृत्व में स्थापित सुदृढ़ शोध संस्कृति को सराहा और युवा वैज्ञानिकों को नवाचार एवं अनुसंधान की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। दुर्योधन सेठी नेसंस्थान की सतत प्रगति और निरंतर विकास यात्रा पर प्रकाश डाला।संस्थान के निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार ने 3D कंक्रीट प्रिंटिंग, उन्नत निर्माण सामग्री, डिजिटल डिजाइन एवं स्वदेशी तकनीकों के क्षेत्र में सीबीआरआई की आरएंडडी उपलब्धियों को विशेष रूप से रेखांकित किया। इस दौरान वर्ष 2024 एवं 2025 की सीबीआरआई प्रकाशनों पर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया गया। इसके साथ ही सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार प्रदान किए गए तथा वार्षिक खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों और प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में “खानग्पा: द लिविंग हाउस ऑफ लद्दाख” शीर्षक पुस्तक का भी औपचारिक विमोचन किया गया।





