सीएलएफ को बनाएं महिलाओं की आय का मजबूत आधार: सीडीओ
रुद्रपुर। (लोक निर्णय)ऊधम सिंह नगर के विकास भवन सभागार में आज मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी के निर्देशन में जनपद की समस्त सीएलएफ (Cluster Level Federation) के अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्षों के साथ हुई अभिमुखीकरण कार्यशाला में महिला आर्थिक सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन, वित्तीय प्रबंधन तथा सीएलएफ की गतिविधियों को अधिक प्रभावी और लाभकारी बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।बैठक का उद्देश्य सीएलएफ की जमीनी स्थिति की जानकारी लेने के साथ पदाधिकारियों के सामने आ रही समस्याओं और चुनौतियों को समझना तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना रहा। मुख्य विकास अधिकारी ने महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न ट्रेनिंग, सीड्स परचेज, एनपीए, शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण, सीएलएफ टर्नओवर समेत महिला आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े विषयों की समीक्षा की।उन्होंने कहा कि सीएलएफ के माध्यम से संचालित गतिविधियों का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं, बल्कि उन्हें सतत, लाभकारी और टिकाऊ आर्थिक गतिविधियों में बदलकर महिलाओं की आय में वास्तविक वृद्धि सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने पदाधिकारियों से महिलाओं की स्थानीय जरूरतों और समस्याओं को समझकर उसी अनुरूप आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।पशु सखी, बीमा सखी और लखपति दीदी की गतिविधियों की समीक्षाकार्यशाला में पशु सखी एवं बीमा सखी के माध्यम से महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई। इन गतिविधियों से महिलाओं को हो रहे लाभ, कार्य की उपयोगिता और जमीनी स्तर पर इनके संचालन में आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही लखपति दीदी से जुड़ी गतिविधियों की प्रगति और महिलाओं की आय बढ़ाने में उनकी भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में एमआईएस एंट्री पूर्ण करने, टेपरिंग के आधार पर सीएलएफ के साथ अनुबंध नवीनीकरण, शेयरधन एकत्रीकरण, सभी सीएलएफ की ऑडिट रिपोर्ट, समय से एजीएम कराने तथा राज्य सरकारी स्वायत्त सहकारिता अधिनियम के अंतर्गत बीओडी सदस्यों के कार्यकाल सहित विभिन्न संस्थागत विषयों की समीक्षा की गई।इसके अलावा अल्ट्रापुअर, व्यक्तिगत उद्यम गतिविधि, सीवीओ लेवल की गतिविधियां, अल्ट्रापुअर लाभार्थियों द्वारा धनराशि वापसी, शहीद ऊधम सिंह एफपीओ के खाते में सीएलएफ द्वारा शेयरधन जमा करने, एफपीओ के साथ पशु चारा व्यवसाय, कलेक्शन सेंटर निर्माण, पशु सखी की गतिविधियों तथा सामूहिक बीज उत्पादन एवं सीड रिवॉल्विंग फंड पर भी चर्चा हुई।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत चक्रीय कोष (RF), सीआईएफ, सीसीएल, सीआईएफ रोटेशन, रिपेमेंट, डीसीबी रजिस्टर, लखपति दीदी की प्रगति, आईएफसी की प्रगति, पीजी की मासिक प्रगति, निष्क्रिय समूहों की प्रोफाइलिंग तथा समूह एवं ग्राम संगठन मैपिंग से संबंधित विषयों पर भी जानकारी ली गई। महिलाओं और समूहों को उद्यमिता से जोड़ने के लिए एमएसएमई के तहत उद्यम सर्टिफिकेट, एफएसएसएआइ एवं जीएसटी आदि से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई।कार्यशाला में सीएलएफ पदाधिकारियों को अपनी संस्थाओं की समस्याएं, गतिविधियों के संचालन में आने वाली चुनौतियां और आवश्यक सहयोग से जुड़े मुद्दे सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिला। पदाधिकारियों ने अपने जमीनी अनुभव साझा किए, जिन पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में परियोजना निदेशक, डीआरडीए हिमांशु जोशी, सहायक परियोजना निदेशक रमा गोस्वामी, जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान परियोजना शुभंकर कुमार झा, डीटीई, ग्रामोत्थान परियोजना के समस्त सहायक प्रबंधक, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के प्रतिनिधि तथा एफपीओ स्टाफ मौजूद रहे।कार्यशाला के माध्यम से सीएलएफ की जमीनी स्थिति को मजबूत करने, पदाधिकारियों और अधिकारियों के बीच संवाद बढ़ाने तथा महिला स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों को अधिक प्रभावी, आयवर्धक और टिकाऊ बनाने की दिशा में आगे की कार्ययोजना पर जोर दिया गया।





