विवि में उमड़े प्रदेश के खिलाड़ी
पंतनगर। राज्यपाल व रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने पंतनगर विश्वविद्यालय में आज चार दिवसीय उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता का दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया। राज्यपाल ने 800 मीटर पुरुष, महिला वर्ग रेस के विजेताओं को मेडल व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। 800 मीटर रेस पुरुष वर्ग में एसएसजे अल्मोड़ा के अंकित नाथ प्रथम,श्रीदेव सुमन टिहरी गढ़वाल के आसिफ द्वितीय, एसएस जे अल्मोड़ा के ललित सिंह तृतीय स्थान पर रहे जबकि महिला वर्ग 800 मी0 रेस में कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल की नीतू प्रथम,संस्कृति वि वि हरिद्वार की चांदनी द्वितीय व एसएस जे अल्मोड़ा की शीतल भट्ट तृतीय स्थान पर रही।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड को हम देवभूमि कहते हैं यह आस्था की भूमि है, तप की भूमि है, त्याग और पराक्रम की भूमि है। “फिट युवा, सशक्त भारत” का संकल्प तभी साकार होगा जब हमारे विश्वविद्यालय खेलों को प्राथमिकता देंगे। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी के नेतृत्व में फिट इंडिया मूवमेंट और खेलो इंडिया जैसे अभियानों ने देश में जनभागीदारी से खेल संस्कृति को नई दिशा दी है।
उन्होंने कहा जो युवा खेल के मैदान में पसीना बहाता है, वह जीवन में कभी गलत दिशा की ओर नहीं जाता। आज समाज के समक्ष एक बड़ी चुनौती नशे की प्रवृत्ति है। युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम खेल है। खेल ऊर्जा देता है, आत्मविश्वास देता है और जीवन को उद्देश्यपूर्ण बनाता है।राज्यपाल ने कहा कि राज्य में खेल मैदानों, स्पोर्ट्स अकादमियों और प्रशिक्षण सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर पर ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को मंच प्रदान करते हैं, जहाँ उनकी प्रतिभा निखरती है और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।उत्तराखंड की धरती से भी ऐसे खिलाड़ी निकलें जो विश्व पटल पर भारत का तिरंगा ऊँचा करें। जब तिरंगा विश्व मंच पर लहराता है तो वह केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं, 140 करोड़ भारतवासियों का गौरव होता है। वह क्षण पूरे राष्ट्र की सामूहिक चेतना और गर्व का क्षण बन जाता है। जीत और हार दोनों जीवन का हिस्सा हैं। सच्ची विजय पदक में नहीं, बल्कि आपके प्रयास में है। खेल हमें सिखाते हैं कि सफलता में विनम्र और असफलता में धैर्यवान कैसे रहें। यही गुण जीवन में नेतृत्व और उत्कृष्टता का आधार बनते हैं। जीबी पंत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल का स्वागत करते हुए कार्यक्रम में आए अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, अतिथियों का स्वागत अभिनंदन किया व सभी खिलाड़ियों से खेल भावना तथा अनुशासन से खेलने का आहवान किया। प्रतियोगिता में 10 विश्विद्यालयों के लगभग 722 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं।





