भवन निर्माण से पूर्व सुरक्षा मूल्यांकन न होने पर डीएम नाराज
चंपावत।जिलाधिकारी मनीष कुमार भवन निर्माण से पहले मूल्यांकन न होने पर भड़क गए।उन्होंने आज जिला सभागार में जनता मिलन कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं।प्राप्त कुल 93 शिकायतों में आर्थिक सहायता, आवास, पेयजल, सोलर लाइट, आपदा से क्षतिग्रस्त योजनाएं, फसल सुरक्षा एवं तारबाड़, रोजगार, सड़क मार्ग, विद्युत, सामाजिक सुरक्षा पेंशन आदि थीं। लालमणी भट्ट द्वारा एनएच निर्माण के दौरान रोड कटिंग से बनलेख से ताड़केश्वर महादेव मंदिर तक पैदल मार्ग बंद होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग को आज ही रात तक मार्ग सुचारु कराने के निर्देश दिए।ग्राम प्रधान सिमल्टा कांड़ा गिरीश चन्द्र पालीवाल द्वारा पंचायत भवन एवं अतिरिक्त कक्ष की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भवन निर्माण से पूर्व सुरक्षा पहलुओं पर विचार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एवं लोक निर्माण विभाग को एक सप्ताह में आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी को सभी ग्राम प्रधानों के माध्यम से यह सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए कि किसी भी सामुदायिक भवन के निर्माण से पूर्व स्थल चयन एवं जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए।60 प्रतिशत दिव्यांग श्री रोशन राम, निवासी कोयाटी द्वारा चतुर्थ श्रेणी में नियुक्ति की मांग पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि अपने-अपने विभागों में दिव्यांगजनों एवं महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले फरियादियों की समस्याओं का संवेदनशीलता, गंभीरता एवं समयबद्धता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता मिलन का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका स्थायी एवं प्रभावी समाधान करना है।इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, उपजिलाधिकारी अनुराग आर्या, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, वरिष्ठ कोषाधिकारी सीमा बंगवाल, जिला विकास अधिकारी श्री दिनेश डिगारी आदि मौजूद थे।



