पंतनगर विश्वविद्यालय में एआई क्रांति की नई पहल: शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण का द्वितीय सत्र शुरू
पंतनगर।(लोक निर्णय) गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के व्यवहारिक उपयोग से दक्ष बनाने के उद्देश्य से आयोजित पाँच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम के द्वितीय सत्र का शुभारंभ आज कुलपति डॉ. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने किया। ‘शिक्षकों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता: मूलभूत अवधारणाओं से व्यवहारिक उपयोग तक’ विषय पर आधारित यह कार्यक्रम तीन से सात अगस्त तक संकाय विकास केन्द्र द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कुलपति डॉ. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने कहा कि उच्च शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि एआई शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। शिक्षकों से उन्होंने आह्वान किया कि वे एआई आधारित तकनीकों और उपकरणों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करते हुए शिक्षण की गुणवत्ता, अनुसंधान की उत्पादकता और शैक्षणिक नवाचार को नई दिशा दें।कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशक, विभागाध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वयन संकाय विकास केन्द्र के समन्वयक डॉ. जेपी. पुरवार कर रहे हैं।पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरणों के व्यवहारिक उपयोग का प्रशिक्षण प्रदान करना है।जिससे वे शिक्षण, अध्ययन सामग्री निर्माण, अनुसंधान, डेटा प्रबंधन और शैक्षणिक प्रशासन में एआई का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों के व्याख्यान, लाइव डेमो और व्यवहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागी उच्च शिक्षा में एआई के प्रभावी एकीकरण के लिए आवश्यक कौशल विकसित कर सकें।





