नामी प्रकाशकों की किताबों की अवैध छपाई का भंडाफोड़ !
रुद्रपुर। (लोक निर्णय)नामी प्रकाशकों की किताबों की चोरी से छपाई कर बाजार में बेचने का भंडाफोड़ हुआ है। इससे स्कूल बुक सेलरों और स्कूल संचालकों में खलबली मची है।संबंधित विभाग जांच में जुट गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक किताबों के पन्नों की गुणवत्ता खराब पाई गई है। विक्रेता एससीईआरटी की अधिकृत फर्म भी नहीं है और किताबों को रखने के लिए अनुमति भी नहीं ली गई है।सूचना पर रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने आज ग्राम कीरतपुर में एक गोदाम में छापेमारी की तो बड़ी संख्या में किताबें कब्जे में लीं। बताया गया किप्राथमिक जांच में सामने आया है कि ये किताबें नामी प्रकाशनों की कॉपी कर छापी गई थीं। साथ ही जिले में सप्लाई की जा रही थीं। पुलिस संबंधित प्रकाशकों से भी संपर्क कर रही है।जिससे सही जानकारी मिल सके। बताया जा रहा है कि कुछ लोग नामी प्रकाशनों की किताबों की नकल कर उन्हें चोरी-छिपे छापकर बाजार में खपा रहे थे। इससे मूल प्रकाशकों को आर्थिक नुकसान हो रहा था।सूत्रों के अनुसार लंबे समय से इस तरह की गतिविधि चल रही थी, लेकिन हाल ही में इसकी जानकारी सामने आने पर मामला पकड़ में आया। जांच के दौरान पता चला कि असली प्रकाशनों की किताबों की हूबहू नकल तैयार कर कम कीमत पर बाजार में बेची जा रही थी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि मामले की सूचना एससीईआरटी के अधिकारियों को दे दी गई है।वहीं से जांच के लिए टीम आएगी। एससीईआरटी से किताबें रखने के रखने के लिए फर्म अधिकृत की जाती है।जिस फर्म पर किताबें बेची जा रही थीं,वह फर्म एससीईआरटी से अधिकृत नहीं है।





