धान का भुगतान न होने पर बिफरे पूर्व दर्जा मंत्री उपाध्याय
शांतिपुरी। धान का भुगतान न होने पर पूर्व दर्जा मंत्री व कांग्रेस नेता डॉक्टर गणेश उपाध्याय भड़क गए। उन्होंने उत्तराखंड सरकार द्वारा किसानों के प्रति घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि क्रय केंद्र पर धान बेचने के 11 दिन बाद भी भुगतान नहीं किया गया।
डॉक्टर गणेश उपाध्याय ने कहा कि करीब दो-तीन वर्ष पूर्व नैनीताल हाई कोर्ट के डबल बेंच में जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें किसानों के धान और गेहूं के भुगतान में देरी की समस्या का उल्लेख किया गया था। इस मामले में डबल बेंच ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसमें उत्तराखंड सरकार ने एफिडेविट दाखिल कर 24 घंटे से लेकर 72 घंटे में किसानों का भुगतान करने का वादा किया था। कहा कि वह शांतिपुरी में 23 क्विंटल धान केंद्र में बेचा था,जिसका मूल्य लगभग 54,000 रुपये है,लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हुआ। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य बहुत कम मिलता है। बेमौसम की बारिश, जंगली जानवरों और पालतू जानवरों से सामना करने के बाद जब किसान तौल केंद्र में धान बेचता है तो वह अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करता है। किसानों ने दीपावली और छठ पूजा का त्योहार कैसे मनाया होगा। डॉक्टर उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड सरकार के खिलाफ नैनीताल हाईकोर्ट में अवहेलना का मामला दर्ज करूंगा। आज खाद्य रसद सचिव फैनई से हुई है, जिन्होंने बताया कि भारत सरकार का पैसा आ चुका है।





