दो दिन बाद फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
पंतनगर।तराई में इस बार रबी सीजन में कम बारिश हुई।हालांकि नवंबर,2025 से 22जनवरी तक बारिश नहीं हुई थी।इसलिए 21वीं सदी का सूखा सीजन माना जा रहा है। मंगलवार को बारिश होने से किसानों के चेहरे पर खुशी दिखी।सामान्यतः नवंबर से जनवरी के बीच तीन से चार बार हल्की और तेज बारिश हो जाती थी।जिससे ठंड तो बढ़ती ही थी,साथ ही गेहूं की फसल अच्छी होती थी। सिंचाई भी कम करनी पड़ती थी। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉक्टर अजीत सिंह नैन ने बताया कि वर्ष,2013 में 18 और 19 जनवरी को बारिश हुई थी। इस बार तो नवंबर,दिसंबर 2025 में और 22 जनवरी,2026 तक बारिश नहीं हुई।जबकि नवंबर से दिसंबर के बीच दो से तीन बार हल्की या तेज बारिश हो जाती थी।ऐसी स्थिति में यह सीजन अब तक सूखा रहा।यह स्थिति पिछले 25 साल में पहली बार दिखी है। बताया कि इस बार एक से 15जनवरी में ज्यादा ठंड पड़ी,जो रिकॉर्ड रही। बताया कि अभी पश्चिमी विक्षोभ का आंशिक असर तराई में है।30 जनवरी को हल्की बारिश का अनुमान है।





