कुमाऊं के किसी नगर निगम क्षेत्र में नहीं हो रहा पथ विक्रेता अधिनियम का पालन
काशीपुर। पथ विक्रेताओं (फड फेरी वाले) के अधिकारों के सरंक्षण तथा सड़क पर चलने व पथ विक्रेताओं के अधिकारों में सामंजस्य के लिए एक मई 2014 से देश भर में शहरी क्षेत्रों में लागू कानून पथ विक्रेता अधिनियम 2014 के प्रावधानों का पालन उत्तराखण्ड में नहीं हो रहा है। यह खुलासा सूचना का अधिकार में हुआ है।काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता व वरिष्ठ अधिवक्ता नदीम उद्दीन ने उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के सभी पांच नगर निगमों में उनके क्षेत्र में पथ विक्रेता अधिनियम के पालन के सम्बन्धी सूचना मांगी तो सूचना उपलब्ध कराई गई।नगर निगम हल्द्वानी काठगोदाम की ओर से 1862 के साथ उत्तराखंड नगरीय फेरी व्यवसायी (आजीविका सुरक्षा तथा फेरी व्यवसाय विनियमन नियमावली 2016 के प्रावधानों का विवरण भी उपलब्ध कराया है । इसके नियम 16(2) के अनुसार नगर फेरी समिति/स्थानीय निकाय द्वारा फेरी व्यवसायियों से किसी भी शुल्क की वसूली ठेकेे के आधार पर नहीं की जायेगी। नियम 17 में फेरी फड़ व्यवसायियों से लिये जाने वाले शुल्क का विवरण है इसमें नगर फेरी समिति द्वारा निर्धारित वार्षिक लाइसेंस शुल्क, मासिक आधार पर फेरी व्यवसाय शुल्क तथा नियम 18 में दी जाने वाली अतिरिक्त सेवाओं के लिये मासिक अनुरक्षण शुल्क/प्रभार लिये जाने का प्रावधान है। कुमाऊं के पांचों नगर निगमों में से किसी में भी फड़ फेरी वालों सभी प्रमुख मामलों का निर्धारण करने, (वेडिंग जोन का निर्धारण, लाइसेंस वितरण सहित) वाली नगर फेरी समिति ही कार्यरत नहीं हैं न ही नियम 13 के अन्तर्गत माह में इसकी न्यूनतम एक मीटिंग ही की जा रही हैं। निगमों मे नाम मात्र के फड़ व फेरी व्यवसायियों को ही नगर निगम द्वारा लाइसेंस दिये गये है परन्तु पथ विक्रेताओं से वसूली उसके अनुपात में अत्याधिक है जिससे स्पष्ट है कि अवैध रूप से वसूली तथा नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है।वर्ष 2024-25 में पंजीकृत पथ विक्रेता 51 हैं जबकि 2025-26 में सूचना उपलब्ध कराने तक शून्य हैं। जबकि 2024-25 में 91.25 लाख रूपये शुल्क वसूली करने पर 10.96 लाख खर्च करके वसूला गया है। वर्ष 2025-26 में अक्टूबर 2025 तक 54.28 लाख रूपये शुल्क रू. 6.39 लाख खर्च करके वसूला गया।
रुद्रपुुर नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार 2024-25 में 151 पथ विक्रेता पंजीकृत हैं तथा नवीनीकृत 58 हैं तथा वसूले गये शुल्क की कोई सूचना नहीं उपलब्ध करायी है।
हल्द्वानी काठगोदाम नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना अनुसार सर्वे में प्राप्त कुल फेरी व्यवसायियों की संख्या 1826 हैं,सूचित किया है। नगर फेरी समिति मासिक मीटिंग तथा कार्यों की तथा शुल्क वसूली की कोई सूचना नहीं उपलब्ध करायी है। अल्मोड़ा नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार वर्ष 2024-25 में पंजीकृत पथ विक्रेताओं की संख्या 15 तथा नवीनीकृत 3 दर्शायी है तथा दैनिक तहबाजारी शुल्क का नियमावली से पूर्व 2011 का गजट नोटिफिकेशन उपलब्ध कराया गया है जो नियम विरूद्ध होने के कारण लागू होने योग्य नहीं हैं तथा अवैध हैं।
नगर निगम पिथौरागढ़ की उर्स उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार पथ विक्रेताओं के लाइसेंस तथा उनसे वसूले गये शुल्क की कोई सूचना नहीं उपलब्ध करायी हैं। स्पष्ट किय है कि पूर्व में वेडिंग समिति का गठन किया गया है तथा वर्ष 2025 में समिति की बैठक आयोजित नहीं की गयी है।





