उन्नत बकरी पालन की दी गई जानकारी
पंतनगर। (लोक निर्णय) गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के समेटी-उत्तराखण्ड, प्रसार शिक्षा निदेशालय द्वारा आयोजित तीन-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘उन्नत बकरी पालन’ का आज समापन हुआ मुख्य अतिथि निदेशक प्रसार शिक्षा एवं समेटी, डा. जितेन्द्र क्वात्रा ने कहा कि बकरी पालन लघु एवं सीमान्त किसानों के लिए रोजगार एवं आय का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि किसान दो से चार बकरियों के पालन से भी नियमित आय अर्जित कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ‘पंतजा’ बकरी प्रजाति के साथ-साथ चौगर्खा एवं उदयपुरी नस्लों की विशेषताओं एवं उपयोगिता की भी जानकारी प्रतिभागियों को दी।समेटी समन्वयक एवं प्राध्यापक (सस्य विज्ञान) डा. बीडी सिंह ने समेटी द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी तथा किसानों के कौशल विकास में इन कार्यक्रमों की महत्ता पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड सरकार भी बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को अनुदान उपलब्ध करा रही है।प्रशिक्षण के दौरान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने प्रतिभागियों को बकरियों की विभिन्न नस्लों एवं उनके प्रबंधन, पोषण एवं आहार प्रबंधन, आवास प्रबंधन, प्रजनन प्रबंधन, बकरी उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, प्रमुख रोगों एवं परजीवी रोगों की पहचान, टीकाकरण, आर्थिक प्रबंधन, क्रय-विक्रय तथा मोटे अनाज आधारित बकरी पालन जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
व्यावहारिक प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय की बकरी इकाई, कृषक प्रदर्शन इकाई एवं अन्य शोध केन्द्रों का भ्रमण भी कराया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में चम्पावत, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार एवं अल्मोड़ा जनपदों से आए 38 विभागीय अधिकारियों एवं प्रगतिशील कृषकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में यंग प्रोफेशनल-द्वितीय कु. ज्योति कनवाल एवं श्री जगदीश चन्द्र बिष्ट का विशेष योगदान रहा।





