इंस्पायर अवार्ड में लापरवाही नहीं चलेगी, हर विद्यालय से पांच छात्रों का नामांकन अनिवार्य
रुद्रपुर। (लोक निर्णय) अटल उत्कृष्ट आदित्यनाथ झा राजकीय इंटर कॉलेज, रुद्रपुर के सभागार में आज ब्लॉक स्तरीय “इंस्पायर अवार्ड मानक अभिमुखीकरण कार्यशाला” में विकासखंड रुद्रपुर के विद्यालयों में कार्यरत इंस्पायर अवार्ड प्रभारियों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, छात्र नामांकन, प्रोटोटाइप और प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष प्रत्येक पात्र विद्यालय से पांच छात्रों का शत-प्रतिशत नामांकन कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी सावेद आलम, प्रधानाचार्य राजपति बिन्द, भुवन चंद्र जोशी तथा बीआरसी समन्वयक कैलाश चंद्र सक्सेना ने संयुक्त रूप से किया। ब्लॉक समन्वयक इंस्पायर अवार्ड विनीता जगदीश चौधरी ने कार्यशाला के उद्देश्य और प्रतियोगिता की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इंस्पायर अवार्ड मानक में छात्र विद्यालय, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न मूल्यांकन चरणों से गुजरते हैं तथा चयन के चार प्रमुख मानदंड निर्धारित हैं।जिला समन्वयक इंस्पायर अवार्ड प्रेमचंद ने विगत वर्षों के आंकड़ों, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और नामांकन प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन दिनेशपुर की शिक्षिका मनीषा सिंह और इंस्पायर अवार्ड समन्वयक खेमकरन सिंह ने पीपीटी के माध्यम से प्रतियोगिता की रूपरेखा, आइडिया बॉक्स, छात्रों के प्रोटोटाइप और गुणवत्तापूर्ण नामांकन की प्रक्रिया समझाई। प्रत्येक विद्यालय को इंस्पायर अवार्ड मानक के लिए पांच छात्रों का नामांकन करना है। चयनित छात्र के प्रोटोटाइप के लिए भारत सरकार की ओर से 10 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है। प्रोटोटाइप के प्रस्तुतीकरण के बाद प्रतिभागियों का चयन राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक किया जाता है। इस वर्ष 15 जुलाई से 15 सितंबर 2026 तक नामांकन प्रक्रिया चल रही है। राज्य में शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्रा के निर्देशों के क्रम में कक्षा 6 से 8 तथा 9 से 12 तक संचालित सभी शासकीय, अशासकीय, मान्यता प्राप्त एवं सीबीएसई विद्यालयों से पांच-पांच छात्रों का नामांकन अनिवार्य किया गया है। नामांकन नहीं कराने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।खंड शिक्षा अधिकारी सावेद आलम ने बताया कि रुद्रपुर ब्लॉक में इस श्रेणी के करीब 300 विद्यालय संचालित हैं, लेकिन वर्तमान में लगभग 50 प्रतिशत विद्यालय ही नामांकन करा रहे हैं। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया कि वे अपने विद्यालय से शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करें।कार्यशाला में राघवेंद्र प्रताप सिंह, यतेंद्र यादव, योगेंद्र चौधरी, सुधा राठी, पूजा बत्रा, शायरा खातून, अरविंद मिश्रा और राजीव पाठक सहित ब्लॉक रुद्रपुर के करीब 85 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।





