एमआरपी से 183 रुपये अधिक वसूले
रुद्रपुर। (लोक निर्णय)नेरोलेक पेंट की 10 लीटर की बाल्टी निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से महंगी बेचने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने दुकानदार को उपभोक्ता के पक्ष में 183 रुपये ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा दुकानदार को वाद व्यय के रूप में दो हजार रुपये भी देने होंगे। परिवादी ने रुद्रपुर के भूरारानी रोड स्थित गर्व इन्फ्राटेक से नेरोलेक कंपनी का 10 लीटर पेंट खरीदा था। बाल्टी पर अधिकतम खुदरा मूल्य 2217 रुपये अंकित था, जबकि दुकानदार ने उससे 2400 रुपये वसूले। परिवादी ने अधिक कीमत वसूलने पर आपत्ति जताई और कंपनी की ओर से मूल्य बढ़ाने का प्रमाण मांगा। इस दौरान दुकानदार ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद परिवादी ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।सुनवाई के दौरान दुकानदार ने दलील दी कि बेची गई पेंट की बाल्टी जनवरी,2022 में निर्मित थी, जिसकी एमआरपी 2587 रुपये थी। उसने 187 रुपये की छूट देकर बाल्टी 2400 रुपये में बेचने की बात कही। हालांकि, आयोग ने दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत बिल और बाल्टी के छायाचित्रों का परीक्षण किया। इसमें सामने आया कि परिवादी को दी गई बाल्टी अक्टूबर 2021 में निर्मित थी और उस पर एमआरपी 2217 रुपये अंकित थी। इसके बावजूद उससे 2400 रुपये वसूले गए।आयोग ने निर्धारित एमआरपी से अधिक राशि वसूलने को अनुचित व्यापारिक व्यवहार और सेवा में कमी माना। आयोग ने गर्व इन्फ्राटेक के विरुद्ध परिवाद आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए निर्णय की तिथि से 45 दिन के भीतर 183 रुपये पर छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित भुगतान करने के निर्देश दिए। ब्याज की गणना परिवाद दायर करने की तिथि 4 मार्च 2022 से भुगतान तक होगी। इसके अतिरिक्त दो हजार रुपये वाद व्यय भी देना होगा। वहीं, नेरोलेक कंपनी के विरुद्ध परिवाद निरस्त कर दिया गया।





