रुद्रपुर। (लोक निर्णय) शहर की सड़कों पर निराश्रित घूमने वाले गोवंशीय पशुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर गोशाला पहुंचाने के अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने अपनी गो स्क्वायड टीम को सुरक्षा उपकरणों की किट वितरित की। महापौर विकास शर्मा ने टीम के सदस्यों को सुरक्षा किट प्रदान की।उन्होंने कहा कि गोवंशीय पशुओं को सड़कों से सुरक्षित हटाने के साथ इस कार्य में जुटे कर्मचारियों की सुरक्षा भी नगर निगम की प्राथमिकता है। आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होने से टीम को रेस्क्यू अभियान के दौरान काफी मदद मिलेगी और कार्य को अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सकेगा।महापौर ने बताया कि शहर में निराश्रित गोवंशीय पशुओं को आश्रय देने के उद्देश्य से नगर निगम ने लंबाखेड़ा में गौशाला का निर्माण कराया है। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले पशुओं को रेस्क्यू कर गोशाला पहुंचाने का काम लगातार किया जा रहा है। इस कार्य के लिए नगर निगम ने विशेष रूप से गो स्क्वायड टीम गठित की है, जो निर्धारित व्यवस्था के तहत पशुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी है।महापौर विकास शर्मा ने कहा कि गोवंशीय पशुओं को रेस्क्यू करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। पशुओं के अचानक भागने, विरोध करने या घबराने की स्थिति में टीम के सदस्यों को चोट लगने का खतरा बना रहता है। ऐसे में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने टीम के लिए विशेष सुरक्षा किट की व्यवस्था की है। किट में ब्रांडेड सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं जिससे कर्मचारी रेस्क्यू अभियान के दौरान आवश्यक सावधानियों के साथ अपना काम कर सकें।उन्होंने कहा कि गौ स्क्वायड टीम के लिए वाहन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले ही की जा चुकी हैं। अब सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता से टीम को अपने दायित्वों के निर्वहन में और सुविधा मिलेगी। नगर निगम का प्रयास है कि संसाधनों की कमी के कारण निराश्रित पशुओं को सड़कों से हटाने और उन्हें सुरक्षित आश्रय तक पहुंचाने के अभियान में किसी प्रकार की बाधा न आए।महापौर ने कहा कि सड़कों पर निराश्रित गोवंशीय पशुओं की मौजूदगी से यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। कई बार पशुओं के सड़क के बीच बैठने या अचानक वाहनों के सामने आने से जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे वाहन चालकों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर निगम इन समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।उन्होंने कहा कि गोवंशीय पशुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर गोशाला पहुंचाना एक महत्वपूर्ण कार्य है। इससे एक ओर पशुओं को आश्रय उपलब्ध कराने में मदद मिलती है, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में भी सहायता मिल सकती है।





