हरिद्वार में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम फैसले
हरिद्वार ।( लोक निर्णय)मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रीमण्डल की बैठक मेला नियंत्रण सभागार (सीसीआर) में आयोजित की गई। उत्तराखण्ड मंत्रिमंडल द्वारा राज्य के समग्र विकास, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधारों तथा युवाओं के हित में विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अनुमोदन प्रदान किया गया। बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ.धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, सौरव बहुगुणा, खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, ने प्रतिभाग किया।बैठक में इन्हें मंजूरी मिली।
उत्तराखंड के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री एवं भारत सरकार का आभार (विवरण अलग से प्रेषित)मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक अनुमोदन,
उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना विकास से संबंधित अधिनियम की अनुसूची में संशोधन को मंजूरी,
द्वितीय उत्तराखण्ड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी,
उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी,
उत्तराखण्ड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी,
उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी,
सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती संबंधी नई नियमावली को मंजूरी,
संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी,
10. स्वजल एवं राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता को मंजूरी,
हरिद्वार में किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी,
ऊधम सिंह नगर में भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधार को मंजूरी और
मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी यानी प्रदेश के साहसी एवं बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के अंतर्गत विपरीत परिस्थितियों में धैर्यपूर्वक कार्य करने, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना एवं वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को प्रोत्साहित करने के साथ अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है।





