पढ़ना-लिखना और बाल साहित्यःमेरे अनुभव’ पुस्तक का विमोचन
पंतनगर। (लोक निर्णय)बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाने और बच्चों में पढ़ने में रुचि विकसित करने के उद्देश्य से एकलव्य फाउंडेशन, भोपाल से कमलेश चन्द्र जोशी की पुस्तक ‘पढ़ना-लिखना और बाल साहित्यःमेरे अनुभव का प्रकाशन किया गया है। पुस्तक के लेखक कमलेश चन्द्र जोशी हाॅल ही में दिनेशपुर में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से सेवानिवृत्त हुए हैं। इस पुस्तक का अधिकतर कार्य रुद्रपुर और उसके निकटवर्ती स्कूलों में लेखक द्वारा शिक्षकों से किए गए संवाद, स्कूल भ्रमण व बाल साहित्य के पठन-पाठक के आधार पर किया गया है। शनिवार को सिलसिला गेस्ट हाउसख् काशीपुर रोड़, रुद्रपुर में 30 चिंतनशील शिक्षकों ने मिलकर पुस्तक के लेखक कमलेश चन्द्र जोशी के मौजदूगी में किया गया। इस पुस्तक पर शिक्षकों व लेखकों ने अपने विचार रखे। मौजूद शिक्षकों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पुस्तक से हमें बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाने व कक्षा में बाल साहित्य के उपयोग को समझाने में मदर मिलेगी। एआई व डिजिटल लाइब्रेरी के जमाने में इस प्रकार की पुस्तकों के प्रति ऐसा उत्साह कम ही देखने को मिलता है। जनपद ऊधम सिंह नगर में लेख के साथ किताब विमोचन की यह शिक्षकों की अनोखी पहल है। बच्चों के बीच बाल साहित्य पहुंचाने, कक्षा में इस्तेमाल करने तथा पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित इस कार्यक्रम में लेखक कमलेश चन्द्र जोशी, भास्कर उप्रेती, किरन पाल, धर्मपाल गंगवार, मीनाक्षी आर्य, रमेश चन्द्र तिवारी, यशोदा विश्वास, खुर्शीद जहां, हेमवती चैहान, राकेश शर्मा, हरिशंकर गंगवार, मीनू नयाल, रेनू उपाध्याय व आरती पांडे आदि मौजूद थे।





