थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सुनीं जनजाति समाज की समस्याएं
खटीमा।(लोक निर्णय) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज खटीमा में आयोजित थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया। मुख्यमंत्री ने बीएसएफ के एवरेस्ट विजेता मोहन सिंह राणा तथा आइटीबीपी के एवरेस्ट विजेता टीला सेन को सम्मानित करते हुए कहा कि दोनों ने न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का नाम गौरवान्वित किया है। थारू समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा समाज के सुख-दुख से जुड़े रहे हैं तथा थारू संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए किए गए कार्य ऐतिहासिक हैं। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी कानून की सराहना करते हुए कहा कि इससे अनेक लोगों की अपने मूल धर्म में वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में योजनाबद्ध तरीके से धर्मांतरण का प्रयास किया गया, जिसे रोकना आवश्यक था। इसी उद्देश्य से सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति का लाभ लेकर धर्मांतरण करने वालों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने समाज से इस कुप्रथा को समाप्त करने में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि उत्तराखंड गठन से पूर्व उत्तर प्रदेश में थारू जनजाति का आरक्षण रोस्टर में पांचवां स्थान था, जबकि वर्तमान में यह 24वें स्थान पर है। उन्होंने इसे पुनः पांचवें स्थान पर लाने का अनुरोध किया।जिससे युवाओं को रोजगार में बेहतर अवसर मिल सकें। साथ ही आश्रम पद्धति विद्यालय को हाईस्कूल से इंटरमीडिएट तक उच्चीकृत करने की मांग भी रखी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि गदरपुर की तर्ज पर इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।प्रतिनिधियों ने वर्ष 1962 में नानक सागर बांध से विस्थापित किसानों की भूमि संबंधी समस्या का भी मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोगों को बसाने के लिए काम करती है, उजाड़ने के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि यह मामला सरकार के संज्ञान में है और इसके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।थारू समाज के प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड में केंद्र सरकार की तर्ज पर पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय गठित करने तथा खटीमा में उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटर स्थापित करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने इन सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका थारू समाज से जुड़ाव आज का नहीं, बल्कि वर्षों पुराना है और खटीमा से उनका आत्मीय संबंध हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कहा कि हम जनजातीय समाज की महिलाओं को 1 करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि और 8 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता देकर उनके छोटे-छोटे रोजगारों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।बिरसा मुंडा की जयंती को “जनजातीय गौरव दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लेकर उन्होंने पूरे देश को जनजातीय समाज के साहस, संघर्ष और बलिदान से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि थारू समाज का प्रत्येक परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े।इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, अध्यक्ष थारू राणा परिषद दान सिंह राणा आदि मौजूद थे।





