कामरेड चारु का शहादत दिवस मनाया गया
रुद्रपुर।(लोक निर्णय)भाकपा(माले) ने आज पार्टी कार्यालय में अपने संस्थापक महासचिव कॉमरेड चारु मजूमदार का शहादत दिवस मनाया और फासीवादी जुल्म, अत्याचार, तानाशाही के खिलाफ लड़ने का आह्वान किया। इस दौरान चारु मजूमदार व हाल में दिवंगत कॉमरेड निशान सिंह को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।इस दौरान जिला सचिव ललित मटियाली ने कहा कि कॉमरेड चारु मजूमदार ने 70 के दशक में भूमिहीन किसानों को भूमि वितरण के सवाल पर ऐतिहासिक नक्सलबाड़ी आंदोलन का नेतृत्व किया और भाकपा(माले) की स्थापना की। पूरे देश में फैले नक्सलबाड़ी आंदोलन को खत्म करने के लिए सरकार ने भारी दमन ढाया और कॉमरेड चारु मजूमदार को जेल में डाल दिया। जेल में ही 1972 में उनकी शहादत हुई। नक्सलबाड़ी आंदोलन के दौरान तत्कालीन सरकार ने मेहनतकश वर्ग पर जुल्म, उत्पीड़न, अत्याचार किया। भाकपा(माले) ने उस दमन,अत्याचार को झेलते हुए किसानों का तीखा जन प्रतिरोध विकसित किया। भाकपा(माले) हमेशा दमन, अत्याचार को झेलते हुए ही आगे बढ़ी है। आज जब देश फासीवाद के चंगुल में फंसा हुआ है और चारों ओर आमजन पर दमन– उत्पीड़न, गरीबों की बस्तियों पर बुलडोजर चल रहा है, आदिवासियों को उजाड़ा जा रहा है, जंगलों को कॉरपोरेट के लिए अंधाधुंध काटा जा रहा है, सार्वजनिक शिक्षा और स्वास्थ्य से सरकार ने हाथ पीछे खींच लिए हैं, पेपर लीक मामले में सरकार छात्र युवाओं के आंदोलन पर भारी दमन ढा रही है, आरएसएस के एजेंडे के कानून लाकर संविधान और लोकतंत्र को कुचला जा रहा है, जनता के वोट के अधिकार पर भी डाका डाला जा रहा है, ऐसे में जनता की आकांक्षा है कि इस फासीवादी तानाशाही के खिलाफ लड़ने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को नक्सलबाड़ी आंदोलन जैसे तेवर, जज्बे, साहस और संगठन की आवश्यकता है।श्रद्धांजलि देने वालों में शहर सचिव अमनदीप कौर, अनिता अन्ना, उत्तम दास, नवजोत सिंह, विजय शर्मा, पूजा, निशांत, प्रिया आदि मौजूद थे।





