विदेश में सुरक्षित रोजगार को विदेश मंत्रालय और जिला प्रशासन ने जारी की एडवायजरी, फर्जी एजेंटों से सावधान रहें
चंपावत।(लोक निर्णय) विदेशमें रोजगार प्राप्त करने के इच्छुक युवाओं और नागरिकों को सुरक्षित, कानूनी तथा पारदर्शी अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से विदेश मंत्रालय एवं पासपोर्ट कार्यालय द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस संबंध में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि इस पहल के तहत अवैध एजेंटों, फर्जी वर्क परमिट और धोखाधड़ी से बचाने के लिए एक विशेष जागरूकता लीफलेट तैयार कर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रचारित किया जा रहा है।विदेश मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, विदेश में रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों को केवल वैध लाइसेंस धारक पंजीकृत एजेंटों के माध्यम से ही प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय द्वारा अभ्यर्थियों को यह सलाह दी गई है कि वे एजेंटों को कभी भी नकद भुगतान न करें और हर लेन-देन की रसीद अवश्य प्राप्त करें। साथ ही, किसी भी प्रकार का भुगतान डिजिटल, बैंक ट्रांसफर या यूपीआई के माध्यम से ही एजेंट के आधिकारिक खाते में करने को कहा गया है।अभियान के अंतर्गत इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि टूरिस्ट या विजिट वीजा पर विदेश जाकर रोजगार की तलाश करना पूरी तरह से अवैध है, जिससे व्यक्ति को वहां से निर्वासित (देश निकाला) किया जा सकता है।केवल वैध वर्क वीजा पर ही विदेश यात्रा करने की सलाह दी गई है। ECR पासपोर्ट धारकों के लिए 18 ECR देशों में यात्रा करने से पहले ‘प्रोटेक्ट ऑफ इमीग्रेंट्स’ (POE) से उत्प्रवासन मंजूरी (Emigration Clearance) लेना अनिवार्य है।विदेश जाने से पूर्व ई-माइग्रेट पोर्टल (www.emigrate.gov.in) पर पंजीकरण कराना अत्यंत आवश्यक है। अभ्यर्थी इस पोर्टल पर पंजीकृत एजेंटों के लाइसेंस की वैधता की जांच भी कर सकते हैं।युवाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रवासी भारतीय बीमा योजना (PBBY) का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है, जो ई-माइग्रेट पोर्टल से 2 और 3 वर्षों के लिए किफायती दर पर उपलब्ध है।विदेश में रोजगार से जुड़ी किसी भी समस्या, सहायता या स्पष्टीकरण के लिए प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र (PBSK) के टोल-फ्री नंबर 1800 11 3090, अंतर्राष्ट्रीय नंबर 011 26885021, व्हाट्सएप नंबर 7428321144 या ईमेल helpline@mea.gov.in के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है।
इसके अलावा, धोखाधड़ी या अन्य समस्याओं की शिकायत ई-माइग्रेट पोर्टल पर दर्ज की जा सकती है। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी मालविका प्रियदर्शनी ने कहा कि जिला प्रशासन और पासपोर्ट कार्यालय मिलकर राज्य के युवाओं को सुरक्षित और सुनियोजित तरीके से विदेश प्रवास कराने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।





