दिव्यांग बेटे की मां ने बकरी पालन से लिखी सफलता की नई इबारत
सितारगंज (ऊधम सिंह नगर)। (लोक निर्णय) कभी मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाली बैकुण्ठपुर (शक्तिफार्म) निवासी गीता तरफदार आज बकरी पालन के जरिए आत्मनिर्भर बनकर ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। आर्थिक तंगी, अनिश्चित रोजगार और दिव्यांग पुत्र की परवरिश जैसी चुनौतियों के बीच उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आज उनकी मेहनत और लगन ने न सिर्फ उनके परिवार की तस्वीर बदल दी है, बल्कि पूरे क्षेत्र में उनकी सफलता की चर्चा हो रही है।गीता तरफदार 10 नवम्बर 2022 को जय हिन्द जय भारत स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। इसके बाद वे राधे-राधे महिला ग्राम संगठन और बढ़ते कदम क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) से भी जुड़कर आजीविका गतिविधियों में सक्रिय हुईं। वर्ष 2023-24 में IFAD-वित्तपोषित ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना के तहत उन्हें अल्ट्रा पुअर सपोर्ट पैकेज के माध्यम से बकरी पालन के लिए 35 हजार रुपये की सहायता मिली, जबकि उन्होंने स्वयं 11,100 रुपये का अंशदान किया।इस सहायता से उन्होंने चार मादा बकरियां, एक बकरा और कुछ मेमनों के साथ बकरी पालन शुरू किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने पशुओं के लिए अलग-अलग शेड, स्वच्छ वातावरण और संतुलित आहार की व्यवस्था कर आदर्श बकरी पालन इकाई विकसित की। आज उनके पास करीब 16 बकरियां हैं, जो उनकी मेहनत और बेहतर पशुपालन प्रबंधन की गवाही देती हैं।निरक्षर होने के बावजूद गीता ने अनुभव के आधार पर पशुओं के पोषण, सामान्य बीमारियों की पहचान, उपचार और टीकाकरण का व्यावहारिक ज्ञान हासिल कर लिया है। वे छोटी-मोटी बीमारियों का उपचार स्वयं करती हैं और जरूरत पड़ने पर पशु चिकित्सकों से सलाह लेने में भी पीछे नहीं रहतीं।बकरी पालन से अब तक उन्हें 92 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है। मात्र 14,300 रुपये के खर्च के बाद उन्हें 77,700 रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है। इसके अलावा वे हर तिमाही 9 से 12 हजार रुपये की नियमित आय अर्जित कर रही हैं और परियोजना के तहत मिले ऋण में से 17,500 की राशि भी चुका चुकी हैं।आज गीता तरफदार अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बन चुकी हैं। बकरी पालन से मिली आय ने उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास दिया है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि अवसर, परिश्रम और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि समाज में बदलाव की मिसाल भी कायम कर सकती हैं।





