गूलरभोज प्रकरण पर महापौर का हमला, बोले:आरोपों और संरक्षण की भी हो जांच
रुद्रपुर। (लोक निर्णय) गूलरभोज में 15 अगस्त को एक महिला के साथ एक युवक के पकड़े जाने के प्रकरण को लेकर महापौर विकास शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने मामले को ‘लव जिहाद’ से जोड़ते हुए प्रशासन से निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग की। साथ ही युवक की ओर से लगाए गए बाद के आरोपों, मेडिकल जांच और किसी प्रभावशाली व्यक्ति के कथित संरक्षण की भूमिका की भी पड़ताल करने की मांग की।
मीडिया से बातचीत में महापौर ने कहा कि गूलरभोज डैम के पास हुई घटना को सामान्य विवाद मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार मामला महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से जुड़ा है। उन्होंने दावा किया कि युवक की गतिविधियों को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं को पहले से जानकारी थी और घटना के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।महापौर ने दावा किया कि युवक के मोबाइल की जांच में कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो, चैट और फोटो मिले हैं। उन्होंने कहा कि इन डिजिटल सामग्रियों की वास्तविकता और प्रामाणिकता की जांच सक्षम एजेंसी से कराई जानी चाहिए। उनका कहना था कि उपलब्ध वीडियो, डिजिटल साक्ष्य और अन्य सामग्री को जांच के दौरान सामने रखा जाएगा।
विकास शर्मा ने बताया कि युवक को पकड़े जाने के बाद कार्यकर्ता उसे दिनेशपुर थाने ले जा रहे थे। इसी दौरान उसके भागने का प्रयास करने पर छह नंबर गांव के पास भीड़ एकत्र हो गई और युवक के साथ मारपीट हुई। महापौर का दावा है कि कार्यकर्ताओं ने बाद में युवक को सुरक्षित थाने पहुंचाया। उन्होंने पुलिस द्वारा युवक को घर भेजे जाने के बाद अगले दिन उसके द्वारा लगाए गए शोषण के आरोपों पर सवाल उठाए।महापौर ने कहा कि युवक के आरोपों को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि युवक स्वयं को पीड़ित मानता था तो उसने तत्काल पुलिस के समक्ष अपनी बात क्यों नहीं रखी। साथ ही बाद में कराई गई मेडिकल जांच और शिकायत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की मांग की।महापौर ने आरोप लगाया कि किसी प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति के दबाव या उकसावे में युवक ने बाद में अपना पक्ष बदला हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस पहलू की भी जांच होनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति द्वारा युवक को गलत बयान देने के लिए प्रेरित करने या जांच को प्रभावित करने का प्रयास सामने आता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी निष्पक्षता की जांच आवश्यक है। महापौर ने कहा कि किसी भी पक्ष के आरोप को अंतिम सत्य मानने के बजाय वीडियो फुटेज, डिजिटल सामग्री, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही घटनाक्रम की वास्तविकता तय की जानी चाहिए।विकास शर्मा ने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति द्वारा महिलाओं के खिलाफ अपराध अथवा किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि को संरक्षण देने या मामले को प्रभावित करने की बात सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की





